श्री द्रोणाचार्य पी.जी. कॉलेज में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ
शिक्षकों के ज्ञान और कौशल को नई दिशा देगा आठ दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम

दनकौर:राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शिक्षकों को बदलते शैक्षणिक परिवेश के लिए तैयार करने तथा उनके ज्ञान, शिक्षण-कौशल और शोध क्षमता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से श्री द्रोणाचार्य पी.जी. कॉलेज, दनकौर में सोमवार को आठ दिवसीय ऑनलाइन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। सचिव श्री रजनीकान्त अग्रवाल जी के मार्गदर्शन में आयोजित यह कार्यक्रम यूजीसी-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र, कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल के सहयोग से 21 से 30 सितंबर 2026 तक संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम का संयोजन महाविद्यालय की उपप्राचार्या, आई.क्यू.ए.सी. समन्वयक एवं एफ.डी.पी. समन्वयक डॉ. रश्मि गुप्ता कर रही हैं।

शुभारंभ अवसर पर डॉ. रश्मि गुप्ता ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि बदलते शैक्षणिक परिवेश में शिक्षकों का निरंतर सीखना और अपने शिक्षण कौशल को विकसित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 केवल नीतिगत दस्तावेज नहीं, बल्कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था में व्यापक परिवर्तन, नवाचार और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गिरीश कुमार वत्स ने संस्थान का परिचय प्रस्तुत करते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति महाविद्यालय की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों एवं विश्वविद्यालय स्तर पर प्राप्त स्वर्ण पदकों का उल्लेख किया।
प्रशिक्षण के दौरान शैक्षणिक नेतृत्व, समावेशी शिक्षा, शिक्षार्थी विविधता, सुगम्यता, नवाचारी शिक्षण-पद्धतियों, भारतीय ज्ञान परंपरा, अनुसंधान एवं प्रभावी मूल्यांकन जैसे विषयों पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य शिक्षकों को अधिक प्रभावी, संवेदनशील और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण के लिए सक्षम बनाना है।
कार्यक्रम में नियमित उपस्थिति अनिवार्य है तथा समापन पर बहुविकल्पीय मूल्यांकन परीक्षा के आधार पर सफल प्रतिभागियों को ऑनलाइन प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम में यूजीसी-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र की निदेशक प्रो. दिव्या यू. जोशी, कार्यक्रम समन्वयक प्रो. रीतेश साह, प्राचार्य डॉ. गिरीश कुमार वत्स एवं डॉ. रश्मि गुप्ता सहित देश के विभिन्न संस्थानों के 100 से अधिक शिक्षक प्रतिभागी सक्रिय रूप से जुड़े हैं।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल प्रमाण-पत्र प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि शिक्षकों के निरंतर सीखने, चिंतन, नवाचार और शिक्षण में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में एक सार्थक पहल है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना को कक्षा-कक्ष तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।






