जी डी गोयनका पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने किया राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय एवं हस्तकला अकादमी शैक्षणिक परिभ्रमण

ग्रेटर नोएडा: जी डी गोयनका पब्लिक स्कूल,स्वर्ण नगरी, ग्रेटर नोएडा के कक्षा IX,X, के छात्र-छात्राओं ने दिनांक 07 जुलाई 2026 (मंगलवार) को राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली का परिभ्रमण किया, सभी विद्यार्थियों ने वहां जाकर नई-नई चीजों की जानकारी ली और अपना ज्ञानवर्धन किया । विद्यार्थियों ने देखा ।इस संग्रह में मिट्टी के बर्तनों, मुहरों, गोलियों, वजन और उपायों, आभूषण, टेराकोटा मूर्तियों, खिलौने आदि शामिल हैं। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारत की समृद्ध हस्तकला, लोक कला, वस्त्र परंपराओं तथा सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना था। संग्रहालय में विभिन्न राज्यों की पारंपरिक कलाकृतियाँ, हस्तनिर्मित वस्तुएँ, वस्त्र, मिट्टी, लकड़ी, धातु एवं बाँस से निर्मित शिल्प प्रदर्शित हैं। संग्रहालय भारत की विविध शिल्प एवं बुनाई परंपराओं को संरक्षित और प्रदर्शित करता है।संग्रहालय का सबसे पसंदीदा हिस्सा, जहाँ छात्रों ने भारत के विभिन्न राज्यों की पारंपरिक झोपड़ियों, स्वदेशी तकनीकों और ग्रामीण जीवनशैली को देखा।प्रसिद्ध वास्तुकार चार्ल्स कोरिया द्वारा डिज़ाइन किए गए आधुनिक और पारंपरिक परिवेश के मिश्रण को समझना।जीवंत शिल्प प्रदर्शन (Live Craft Demonstration): देशभर से आए कारीगरों को अपने हाथों से कलाकृतियाँ बनाते देखना, दिल्ली में राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय और हस्तकला अकादमी का भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न दीर्घाओं का अवलोकन किया तथा पारंपरिक हस्तशिल्प निर्माण की तकनीकों और कलाकारों के कार्यों को निकट से देखा। इस अनुभव से उन्हें भारतीय संस्कृति, कला और शिल्प के महत्व को समझने का अवसर मिला।इसमें हड़प्पा स्थलों से तांबे के उपकरण भी हैं जैसे कि कुल्हाड़ी, छेनी, चाकू आदि। आधुनिक हड़प्पा गैलरी में लगभग 3,800 वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया है। इस गैलरी में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के भारतीय हड़प्पा स्थल से संबंधित 1,025 उत्कीर्ण कलाकृतियाँ भी हैं।
गैलरी पहली बार 232 विशेष सजावटी कलाकृतियों को प्रकाश में लाती है, जो 18 वीं 20 वीं शताब्दी की हैं। इन सभी उपयोगी और सजावटी वस्तुओं को विभिन्न सामग्रियों से बनाया जाता है, जैसे हाथी दांत, जेड, कांच, लकड़ी, संगमरमर, धातु और सिरेमिक। गैलरी में, ब्राह्मी और सिक्कों से विभिन्न भारतीय लिपियों के विकास की अद्भुत कहानी को प्रदर्शित करते हुए 26 बड़े आकार के अच्छी तरह से जलाए गए ग्लास पारदर्शिता प्रदर्शित किए जाते हैं। राष्ट्रीय संग्रहालय में एक विस्तृत संदर्भ पुस्तकालय है, जो विभिन्न पुस्तकों, पत्रिकाओं पत्रिकाओं आटि से सुसज्जित है।विद्यालय द्वारा विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन एवं भारतीय इतिहास, संस्कृति तथा कला से परिचित कराने के उद्देश्य से राष्ट्रीय संग्रहालय का शैक्षिक भ्रमण आयोजित किया गया।
इस भ्रमण में विद्यार्थियों ने विभिन्न ऐतिहासिक वस्तुओं, प्राचीन मूर्तियों, सिक्कों, चित्रों, पांडुलिपियों, आभूषणों तथा सांस्कृतिक धरोहरों का अवलोकन किया।ढसंग्रहालय के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को प्रत्येक प्रदर्शनी के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विद्यार्थियों ने भारत की प्राचीन सभ्यता, कला, संस्कृति और विरासत से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण तथ्यों को जाना। इस भ्रमण के दौरान सभी विद्यार्थियों ने अनुशासन का पालन किया तथा उत्साहपूर्वक गतिविधियों में भाग लिया।






