श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर भक्ति और श्रद्धा का उमड़ा सैलाब

ग्रेटर नोएडा : तुगलपुर गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के छठे एवं समापन दिवस पर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा व्यास आचार्य कौशिक महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल एवं युवा लीलाओं, गोवर्धन पूजा और रुक्मिणी विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन कर श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया।
समापन समारोह एवं प्रशादी भंडारे में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद डॉ. महेश शर्मा, पूर्व राज्यमंत्री पंडित सुनील भराला और दादरी विधायक तेजपाल नागर ने पहुंचकर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन स्वर्गीय पंडित सोहन लाल, पंडित फूल सिंह, स्व. रमेशचंद्र शर्मा एवं स्व. केंद्री देवी की इच्छा के अनुरूप परिवार द्वारा संपन्न कराया गया।
आचार्य कौशिक महाराज ने अपने प्रवचनों में कहा कि श्रीमद्भागवत केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सत्य, धर्म, प्रेम और आत्मबोध की दिशा देने वाला दिव्य मार्गदर्शक है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए बताया कि किस प्रकार उनकी निष्कपट मुस्कान और चमत्कारी लीलाओं ने ब्रजभूमि को आनंदमय बना दिया।
गोवर्धन पूजा प्रसंग पर उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के अहंकार का दमन कर प्रकृति संरक्षण, गौसेवा और लोककल्याण का संदेश दिया। उन्होंने श्रद्धालुओं से पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता बनाए रखने का आह्वान किया।
कथा का मुख्य आकर्षण श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग रहा। आचार्य कौशिक ने बताया कि रुक्मिणी भगवान श्रीकृष्ण को अपना आराध्य मान चुकी थीं, लेकिन उनके भाई रुक्मी ने उनका विवाह शिशुपाल से कराने का प्रयास किया। तब भगवान श्रीकृष्ण ने रुक्मिणी हरण कर वैदिक रीति से विवाह किया। विवाह प्रसंग के दौरान पूरा पंडाल “राधे-कृष्ण” और “जय श्रीकृष्ण” के जयकारों से गूंज उठा तथा श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर दिव्य युगल का स्वागत किया।
कार्यक्रम में चतर सिंह शर्मा, किशन शर्मा, प्रकाश शर्मा, देवदत्त शर्मा, चंदर शर्मा, सुनील शर्मा, राजपाल शर्मा, भूषण शर्मा, मोहम्मद इलियास दनकौरी, भगवत प्रसाद शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
रिपोर्ट-भगवत प्रसाद शर्मा
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