विरासत का अनावरण, भविष्य की प्रेरणा: पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी के साथ शारदा यूनिवर्सिटी का विशेष कार्यक्रम

ग्रेटर नोएडा : शारदा यूनिवर्सिटी ने श्री बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी के साथ ‘माइंड सेट – लाइफ सेट’ नाम से एक खास बातचीत कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम की शुरुआत गेट नंबर 3 के पास स्वर्गीय श्री आनंद स्वरूप जी और स्वर्गीय श्रीमती शारदा माता जी की मूर्तियों के अनावरण के साथ हुई, जिसके बाद दीप प्रज्वलन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुईं।

सभा का स्वागत करते हुए, शारदा यूनिवर्सिटी के चांसलर श्री पी.के. गुप्ता जी ने कहा, “स्वर्गीय श्री आनंद स्वरूप जी और स्वर्गीय श्रीमती शारदा माता जी की मूर्तियों का अनावरण हमारे लिए गहरे सम्मान का क्षण है। उनकी सोच और मूल्य शारदा यूनिवर्सिटी को ऐसे छात्रों को तैयार करने के मिशन में मार्गदर्शन देते रहते हैं, जो न केवल पढ़ाई-लिखाई में निपुण हों, बल्कि जिनमें करुणा, अनुशासन और समाज सेवा के गुण भी हों।” उन्होंने पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी का गहरे आभार के साथ स्वागत किया और युवा पीढ़ी को दी गई उनकी शिक्षाओं के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।
मुख्य भाषण देते हुए पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी* ने कहा, “आज का सेशन सिर्फ़ आध्यात्मिक मार्गदर्शन के बारे में नहीं, बल्कि जीवन जीने के तरीके के बारे में भी है। हमारा मन ही हमारे कामों की दिशा तय करता है और हमारे काम ही हमारे भविष्य का रास्ता बनाते हैं। इसलिए, मज़बूत सोच और संतुलित जीवन ही सफलता की असली नींव हैं। जब हमारे काम सही मूल्यों से प्रेरित हों और अनुशासन हमारी यात्रा को आकार दे, तो हर व्यक्ति तालमेल, समृद्धि और आंतरिक शक्ति पा सकता है।“

अपनी बात रखते हुए प्रो-चांसलर श्री वाई.के. गुप्ता जी ने कहा: “शिक्षा को क्लासरूम की सीमाओं से आगे बढ़कर मानवीय मूल्यों की गहराई तक पहुँचना चाहिए। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी के साथ आज की बातचीत हमें याद दिलाती है कि सर्वांगीण विकास के लिए मज़बूत सोच और संतुलित जीवन बहुत ज़रूरी हैं। शारदा यूनिवर्सिटी में हम परंपरा और आधुनिकता का मेल बिठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि हमारे छात्र ज़िम्मेदार वैश्विक नागरिक बन सकें।”
कार्यक्रम का समापन डीन (छात्र कल्याण) डॉ. प्रमोद कुमार के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने छात्रों के व्यक्तिगत और व्यावसायिक विकास को आकार देने में ऐसे सत्रों के महत्व पर प्रकाश डाला।
इस कार्यक्रम के मोके पर सभी विभागो के डीन, डायरेक्टर, हेड, फैकल्टी मेंबर्स, डॉक्टर्स, स्टॉफ और स्टूडेंट्स आदि मौजूद रहे






