बीडीआरडी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में भव्य अभिभावक गोष्ठी का हुआ आयोजन
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर हुआ मंथन

दनकौर:आज बिशम्बर दयाल राममूर्ति देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, दनकौर में आज अभिभावक गोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। गोष्ठी में सैकड़ों अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया और विद्यार्थियों के शैक्षिक, नैतिक एवं सर्वांगीण विकास को लेकर विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा की। कार्यक्रम का शुभारंभ अभिभावक व विद्यालय के प्रधानाचार्य जयप्रकाश सिंह के द्वारा मां शारदे के सम्मुख दीप प्रज्वलन करके किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यालय एवं अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा विद्यार्थियों की शैक्षिक प्रगति,अनुशासन, संस्कार और उज्ज्वल भविष्य के लिए सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना रहा। गोष्ठी के दौरान अभिभावकों ने विद्यार्थियों की पढ़ाई, नियमित उपस्थिति, गृहकार्य, समय प्रबंधन, व्यवहार, नैतिक मूल्यों एवं व्यक्तित्व निर्माण जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम के संयोजक संजय दीक्षित ने कहा कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की नींव विद्यालय और परिवार के संयुक्त प्रयासों से मजबूत होती है। विद्यालय में शिक्षक जहां विद्यार्थियों को ज्ञान,अनुशासन और संस्कार प्रदान करते हैं, वहीं घर पर अभिभावकों का मार्गदर्शन, सहयोग और सकारात्मक वातावरण उनके विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने तथा उनकी समस्याओं का समय रहते समाधान करने के लिए विद्यालय और अभिभावकों के बीच निरंतर संवाद आवश्यक है। प्रधानाचार्य जयप्रकाश सिंह ने कहा कि गोष्ठी केवल विचारों के आदान-प्रदान का मंच नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में विद्यालय और परिवार की साझेदारी को मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
गोष्ठी में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उनमें आत्मविश्वास, जिम्मेदारी, नैतिकता, सामाजिक चेतना और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध जैसे गुणों का विकास करना भी आवश्यक है। इसके लिए शिक्षकों और अभिभावकों को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों ने विद्यालय द्वारा विद्यार्थियों के शैक्षिक एवं संस्कारपूर्ण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा की तथा बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए। गोष्ठी का वातावरण सकारात्मक, सहयोगात्मक एवं विचारोत्तेजक रहा।
इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि “जब विद्यालय के शिक्षक और अभिभावक एक लक्ष्य के लिए मिलकर प्रयास करते हैं, तब विद्यार्थियों की सफलता की राह और अधिक सशक्त हो जाती है।”
अंत में सभी ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य, बेहतर शैक्षिक उपलब्धियों और संस्कारयुक्त व्यक्तित्व निर्माण के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया,गोष्ठी में विद्यालय के समस्त आचार्य उपस्थित रहे।






