दनकौर

दनकौर में 3 सितंबर से सजेगा 103वां श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मेला

15 सितंबर तक चलेंगे धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम, दंगल, रागिनी, नाटक और कवि सम्मेलन रहेंगे मुख्य आकर्षण

दनकौर/बिलासपुर: गुरु श्री द्रोणाचार्य की पावन नगरी दनकौर में ऐतिहासिक एवं धार्मिक 103वां वार्षिक श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मेला तीन सितंबर से भव्य रूप से शुरू होगा। श्री द्रोणाचार्य प्रांगण में आयोजित होने वाला यह मेला 15 सितंबर तक चलेगा। मेले में धार्मिक आयोजनों के साथ दंगल प्रतियोगिता, रागिनी, नाटक, कवि सम्मेलन, भजन संध्या एवं विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

रविवार को श्री द्रोणाचार्य पीजी कॉलेज, दनकौर में आयोजित प्रेस वार्ता में मेला अध्यक्ष राकेश गर्ग एवं प्रबंधक रजनीकांत ने कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि श्री द्रोणाचार्य की पावन नगरी में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मेले की परंपरा वर्षों पुरानी है। इस वर्ष भी मेले को भव्य एवं आकर्षक बनाने के लिए धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है।

13 दिनों तक होंगे विभिन्न आयोजन

आयोजकों के अनुसार तीन सितंबर को धार्मिक आयोजन के साथ मेले का शुभारंभ होगा। चार सितंबर को रागिनी, पांच सितंबर को नाटक, छह सितंबर को कवि सम्मेलन, सात सितंबर को भजन संध्या और आठ सितंबर को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

वहीं नौ सितंबर को विशाल दंगल प्रतियोगिता में देश-प्रदेश के पहलवान अपने दमखम का प्रदर्शन करेंगे। 10 सितंबर को बाल सांस्कृतिक कार्यक्रम, 11 सितंबर को रागिनी, 12 सितंबर को नाटक, 13 सितंबर को कवि सम्मेलन, 14 सितंबर को विशेष सांस्कृतिक संध्या तथा 15 सितंबर को समापन समारोह आयोजित किया जाएगा।

धार्मिक आस्था के साथ संस्कृति का संगम

मेले में श्री द्रोणाचार्य मंदिर में धार्मिक कार्यक्रमों के साथ द्रोण तालाब प्रांगण में भी विभिन्न आयोजन होंगे। दंगल प्रतियोगिता में पहलवानों के जोरदार मुकाबले लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेंगे। वहीं रागिनी, नाटक और कवि सम्मेलन के माध्यम से लोगों को मनोरंजन के साथ सामाजिक एवं सांस्कृतिक संदेश भी दिया जाएगा।

बच्चों के लिए आकर्षक झूलों सहित विभिन्न मनोरंजन के साधन भी मेले में उपलब्ध रहेंगे। आयोजकों का कहना है कि श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मेला केवल मनोरंजन का आयोजन नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। मेले के माध्यम से नई पीढ़ी को क्षेत्र की गौरवशाली परंपराओं और भारतीय संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

इस दौरान अध्यक्ष राकेश गर्ग, प्रबंधक रजनीकांत, मोहित गर्ग, एवं सुशील कुमार सहित अन्य आयोजक और गणमान्य लोग मौजूद रहे। आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मेले के धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेने की अपील की।

संपादक ओमप्रकाश गोयल, रिपोर्ट घनश्याम पाल

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