जीबीयू में ‘मिशन शक्तिसैट–स्पेसवॉक’ ने भरी अंतरिक्ष के सपनों को नई उड़ान
एस्ट्रोनॉट ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने साझा किए अंतरिक्ष के रोमांचक अनुभव, पृथ्वी की अंतरिक्ष से ली गई तस्वीरें और वीडियो दिखाकर विद्यार्थियों को किया प्रेरित

ग्रेटर नोएडा:गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में चल रहे मिशन शक्तिसैट के तहत शनिवार को आयोजित ‘स्पेसवॉक’ कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अंतरिक्ष विज्ञान और अंतरिक्ष यात्रा के अनुभवों से रूबरू होने का अनूठा अवसर बना। कार्यक्रम में भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, सेशेल्स की प्रथम महिला श्रीमती वेरोनिक हर्मिनी, स्पेस किड्ज इंडिया की संस्थापक एवं सीईओ डॉ. श्रीमथी केसन, IN-SPACe के निदेशक डॉ. विनोद कुमार तथा गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का विद्यार्थियों के साथ संवाद रहा। उन्होंने अपने अंतरिक्ष मिशन के दौरान प्राप्त अनुभवों को प्रतिभागियों के साथ साझा किया। उन्होंने अंतरिक्ष से पृथ्वी के अद्भुत दृश्यों को दिखाने वाले वीडियो और तस्वीरें भी प्रदर्शित कीं। पृथ्वी को अंतरिक्ष से देखने के अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष यात्रा केवल वैज्ञानिक उपलब्धि नहीं, बल्कि मानव जिज्ञासा, अनुशासन, टीमवर्क और निरंतर सीखने की यात्रा है।
शुभांशु शुक्ला ने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में नए प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष तक पहुंचने के लिए केवल प्रतिभा ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, अनुशासन, समस्या-समाधान की क्षमता और असफलताओं के बावजूद आगे बढ़ने का जज्बा जरूरी है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे देश की वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति में अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार रहें। हालिया सार्वजनिक संबोधन में भी शुक्ला ने युवाओं के लिए आत्मविश्वास, समस्या-समाधान और असफलताओं के बावजूद आगे बढ़ने की क्षमता को महत्वपूर्ण बताया है।
गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने कहा कि मिशन शक्तिसैट जीबीयू के लिए एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायी अवसर है। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान अब केवल वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि आज के युवा इसमें अपनी कल्पनाशक्ति, नवाचार और तकनीकी क्षमता के माध्यम से महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय का प्रयास है कि विद्यार्थियों को कक्षा की शिक्षा के साथ-साथ वास्तविक जीवन के वैज्ञानिक अनुभवों से जोड़ा जाए। मिशन शक्तिसैट इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार, रचनात्मकता और वैश्विक दृष्टिकोण को मजबूत करेगा। मिशन में भारत के साथ 108 देशों की छात्राओं की भागीदारी इसके वैश्विक स्वरूप को दर्शाती है।
स्पेस किड्ज इंडिया की संस्थापक एवं सीईओ डॉ. श्रीमथी केसन ने कहा कि मिशन शक्तिसैट का उद्देश्य सबको एक साथ एक मंच पर लाना है , यहाँ छात्राओं को केवल अंतरिक्ष के बारे में जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें सैटेलाइट निर्माण, पेलोड डेवलपमेंट, सिस्टम इंजीनियरिंग और अंतरिक्ष मिशन की वास्तविक कार्यप्रणाली से परिचित कराना है।
उन्होंने कहा कि दुनिया के अलग-अलग देशों की बेटियों को एक मंच पर लाकर विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में उनकी प्रतिभा को अवसर देना मिशन शक्तिसैट की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। उन्होंने गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय द्वारा इस अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम की मेजबानी किए जाने पर विश्वविद्यालय का आभार व्यक्त किया। मिशन के उद्देश्यों में छात्राओं को स्पेस साइंस, सैटेलाइट टेक्नोलॉजी और STEM शिक्षा का व्यावहारिक अनुभव देना शामिल है।
कार्यक्रम में सेशेल्स की प्रथम महिला श्रीमती वेरोनिक हर्मिनी की उपस्थिति ने मिशन को अंतरराष्ट्रीय आयाम प्रदान किया। उन्होंने युवा प्रतिभागियों के साथ संवाद किया और अंतरिक्ष विज्ञान एवं शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग के महत्व को रेखांकित किया। वहीं IN-SPACe के निदेशक डॉ. विनोद कुमार ने प्रतिभागियों को भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों और देश में विकसित हो रहे नए स्पेस इकोसिस्टम से परिचित कराया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला से अंतरिक्ष यात्रा, अंतरिक्ष में जीवन, पृथ्वी को अंतरिक्ष से देखने के अनुभव और भविष्य में अंतरिक्ष क्षेत्र में करियर की संभावनाओं से जुड़े सवाल पूछे। उनके अनुभवों और अंतरिक्ष से लिए गए दृश्यों ने विद्यार्थियों में विशेष उत्साह और जिज्ञासा पैदा की।
अंतः में सभी देख के प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट प्रदान कर ग्रुप फोटोग्राफ ली गई , कार्यक्रम का सफल संचालन आर जी सिद्धार्थ और असिस्टेंट प्रोफेसर रिया राज द्वारा किया गया






