‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुज़ीन’ योजना के तहत गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय को सौंपी गई अहम जिम्मेदारी

ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी “वन डिस्ट्रिक्ट वन कुज़ीन” योजना के क्रियान्वयन में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। विश्वविद्यालय की प्रासंगिकता एवं विशेषज्ञता को मान्यता देते हुए इस योजना के समन्वयन का दायित्व खाद्य प्रसंस्करण एवं प्रौद्योगिकी विभाग को सौंपा गया है।
यह योजना जनपद-विशिष्ट पारंपरिक एवं विशिष्ट खाद्य उत्पादों की पहचान और संवर्धन पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य स्थानीय खाद्य विरासत का संरक्षण करते हुए उद्यमिता, कौशल विकास तथा स्वरोज़गार के अवसरों को बढ़ावा देना है। योजना के प्रारंभिक चरण में विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव में गौतम बुद्ध नगर जनपद के दो पारंपरिक दुग्ध-आधारित खाद्य उत्पादों को शामिल करने की अनुशंसा की गई है।
कुलपति प्रोo राणा प्रताप सिंह ने इस पहल को विश्वविद्यालय की क्षेत्रीय विकास और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल पारंपरिक खाद्य उत्पादों को नई पहचान दिलाने में सहायक होगा, बल्कि स्थानीय समुदायों के लिए सतत आजीविका के अवसर सृजित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
विश्वविद्यालय स्तर पर योजना से संबंधित सभी गतिविधियों का समन्वय खाद्य प्रसंस्करण एवं प्रौद्योगिकी विभाग की डॉ. पल्लवी जोशी एवं डॉ. वसुंधरा के साथ-साथ स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के डॉ. एम. ताशफीन अशरफ द्वारा नोडल फैकल्टी के रूप में किया जा रहा है।
इस पहल से क्षेत्रीय खाद्य उत्पादों को नई पहचान मिलने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।





