औरंगाबाद में दबंग भूमाफियाओं ने तहस-नहस किये राजस्व विभाग द्वारा लगवाये गये पिलर
पूर्व में भी हो चुकी है एफ आई आर, मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन ,योगी राज की भी नहीं कोई परवाह

औरंगाबाद( बुलंदशहर )औरंगाबाद कस्बे में भूमाफियाओं ने जहांगीराबाद रोड पर गाटा संख्या 1758 में सरकारी जमीन को चिंहित करने वाले पिलर रविवार को एक बार फिर तोड़ डाले। इन पिलरों को 3 फरवरी 26 को उच्च न्यायालय के निर्देश पर पैमाइश पूरी कर राजस्व विभाग द्वारा नगर पंचायत औरंगाबाद के अधिशासी अधिकारी कर्मचारियों और पुलिस की मौजूदगी में लगाये गये थे। यही नहीं दबंग भूमाफियाओं के खिलाफ अनेक बार मामले दर्ज कराए जा चुके हैं लेकिन वे अपनी दबंगई से बाज नहीं आ रहे।
नगर पंचायत की गाटा संख्या 1758 में भूमाफियाओं द्वारा अवैध कब्जों की शिकायत तमाम उच्चाधिकारियों से करने और कोई समस्या समाधान नहीं हो सकने पर अधिवक्ता प्रदीप कुमार लोधी ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की थी। मामले पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने जिला प्रशासन से रिपोर्ट तलब की जिसके अनुपालन में नायब तहसीलदार औरंगाबाद ललित नारायण प्रशांत के नेतृत्व में राजस्व विभाग और नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी सेवा राम राजभर के नेतृत्व में नगर पंचायत की संयुक्त टीम ने पुलिस को साथ लेकर विगत तीन फरवरी 26 को मौके पर पहुंचकर पैमाइश पूरी कर नगर पंचायत की भूमि को चिन्हित कर सरकारी जमीन पर पिलर गढवाये थे। मौके पर मौजूद कुछ दबंगों ने सरकारी काम में बाधा उत्पन्न करने का प्रयास किया तो उनके खिलाफ पुलिस ने शांति भंग की आशंका में चालान भी किया था। हाल ही में नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी ने पुलिस को साथ लेकर अवैध कब्जे दारों को स्वयं अवैध कब्जे हटाने के लिए नोटिस तामील कराये और शनिवार को अवैध कब्जे दारों के प्रतिष्ठानों आदि पर नोटिस चस्पा किए।
इसके बावजूद कुछ दबंगों ने रविवार को सुबह राजस्व विभाग द्वारा लगवाये गये पिलरों को ट्रैक्टर से तहस-नहस कर चिन्हित सरकारी जमीन पर पुनः कब्जा कर लिया। आश्चर्यजनक तथ्य यह सामने आया है कि नगर पंचायत के सर्वेसर्वाओं को इसकी भनक तक नहीं लगी।
अधिवक्ता प्रदीप कुमार लोधी ने मुख्यमंत्री को पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है और भूमाफियाओं द्वारा किए गए अवैध कब्जे में नगर पंचायत के सर्वेसर्वाओं पर मिली भगत से अवैध कब्जा पुनः कराने का भी आरोप लगाया है।
अधिशासी अधिकारी सेवा राम राजभर ने पुनः कब्जा कर लिये जाने की जानकारी से स्पष्ट इंकार कर दिया।
रिपोर्टर राजेंद्र अग्रवाल






