स्थाई नौकरी का झांसा दे अध्यापिका को फर्जी संस्था अध्यक्ष बनाकर प्रिंसिपल ने कराया एक करोड़ का बैंक लोन स्वीकृत
लोन स्वीकृत किए जाने का मैसेज आते ही अध्यापिका के उड़ गए होश ,थाने में तहरीर देकर लगाई मदद की गुहार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी भेजा शिकायती पत्र

औरंगाबाद( बुलंदशहर )एक स्कूल की प्रिंसिपल एवं आनर ने एक शिक्षिका से उसके तमाम कागजात स्थाई नौकरी लगवाने का झांसा देकर धोखे से हासिल कर अध्यापिका को एक फर्जी संस्था अध्यक्ष बनाकर उसके नाम से एक करोड़ का बैंक लोन डिग्री कालेज खोलने के नाम पर स्वीकृत करा लिया। अध्यापिका के फोन पर साठ लाख पैसठ हजार रुपए का लोन स्वीकृत किए जाने का मैसेज आया तो अध्यापिका के होश फाख्ता हो गए। पीड़िता ने धोखाधड़ी का अहसास होते ही थाना प्रभारी को लिखित तहरीर देकर संबंधित प्रिंसिपल के खिलाफ मामला दर्ज करने की गुहार लगाई।न्याय ना मिलने पर पीड़िता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर मदद की गुहार लगाई है। मामला दर्ज नहीं हुआ है।
मामला बेहद संगीन। भारती निवासी टीचर्स कालोनी जो कि यूनिवर्सल पब्लिक स्कूल में विगत चार साल से बतौर अध्यापिका कार्यरत है, ने थाना प्रभारी को लिखित तहरीर देकर अवगत कराया कि उसकी प्रिंसिपल सीमा चौधरी ने उसे स्थाई नौकरी लगवाने का झांसा देकर उसके समस्त कागजात पेन कार्ड आधार कार्ड बैंक पासबुक आदि ले लिए। और उससे कुछ कागजों पर हस्ताक्षर भी करा लिये। बाद में उसे सेलरी बैंक खाते में जमा कराये जाने की बात कहते हुए उसे पंजाब नेशनल बैंक डिप्टी गंज शाखा बुलंदशहर ले जाकर उसके नाम पर बैंक खाता भी खुलवा दिया। बैंक खाते में यूनिवर्सल शिक्षण संस्थान के नाम पर स्वीकृत एक करोड़ के लोन की पहली किस्त साठ लाख पैसठ हजार रुपए जमा कराए जाने का मैसेज भारती के फोन पर आया तो उसके होश फाख्ता हो गए। धोखाधड़ी का अहसास होते ही भारती ने थाना प्रभारी को लिखित तहरीर दी लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। पीड़िता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर अपनी रिपोर्ट दर्ज कराने और उसके साथ हुई नाइंसाफी और धोखाधड़ी से बचाने की गुहार लगाई है।
थाना प्रभारी मौहम्मद असलम खान ने बताया कि पीड़िता ने पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी है। मामले की जानकारी फोन पर दी गई थी। जांच पड़ताल की जा रही है।
रिपोर्टर राजेंद्र अग्रवाल






