शिक्षण संस्थान

गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय और एम्स ऋषिकेश के बीच स्वास्थ्य शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रशिक्षण सहयोग हेतु एमओयू पर हस्ताक्षर

ग्रेटर नोएडा:स्वास्थ्य शिक्षा, जैव-चिकित्सकीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण के क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देने के उद्देश्य से गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू), ग्रेटर नोएडा और ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज (ऋषिकेश) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के माध्यम से दोनों प्रतिष्ठित संस्थान स्वास्थ्य शिक्षा, अनुसंधान, प्रशिक्षण तथा शैक्षणिक आदान-प्रदान के क्षेत्र में संयुक्त रूप से कार्य करेंगे।

एमओयू पर गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव प्रो. चंदर कुमार सिंह तथा एम्स ऋषिकेश की ओर से डीन (रिसर्च) प्रो. शालिंदर एस. हांडू ने हस्ताक्षर किए। यह समझौता गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के डीन अकादमिक डॉ. राजीव वर्ष्णेय, स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी एवं डीन (प्लानिंग एंड रिसर्च) प्रो. एस. धनलक्ष्मी सहित एम्स ऋषिकेश के वरिष्ठ वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सभी गणमान्य अतिथियों ने इस साझेदारी को छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं के लिए अत्यंत लाभकारी बताते हुए प्रसन्नता व्यक्त की।

एमओयू के अंतर्गत दोनों संस्थान संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं, शैक्षणिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों, फैकल्टी एवं छात्र गतिशीलता (मोबिलिटी) कार्यक्रमों, नवीन शैक्षणिक मॉड्यूल के विकास, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, संगोष्ठी, कार्यशाला और वैज्ञानिक परिसंवादों के आयोजन में सहयोग करेंगे। इसके अतिरिक्त बाह्य वित्तपोषित अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परियोजनाओं में भी दोनों संस्थान संयुक्त रूप से भागीदारी करेंगे।

इस साझेदारी की विशेषता रोगी-केंद्रित एवं ट्रांसलेशनल रिसर्च को बढ़ावा देना है। समझौते के माध्यम से अंतःविषयक अनुसंधान को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे स्वास्थ्य विज्ञान, जैव-प्रौद्योगिकी, चिकित्सा एवं संबद्ध क्षेत्रों में नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शोध को गति मिलेगी। साथ ही पाठ्यक्रम विकास, वैज्ञानिक ज्ञान के प्रसार तथा शैक्षणिक संसाधनों एवं विशेषज्ञता के आदान-प्रदान के लिए भी व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे।

यह सहयोग शोधकर्ताओं, चिकित्सकों, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों के बीच सार्थक संवाद एवं सहभागिता को बढ़ावा देगा। दोनों संस्थानों की विशेषज्ञताओं और संसाधनों का समन्वय स्वास्थ्य शिक्षा, जैव-चिकित्सकीय अनुसंधान, नवाचार और समाज कल्याण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान सुनिश्चित करेगा।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने कहा कि यह साझेदारी शिक्षा, अनुसंधान और सामुदायिक सेवा में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है। ज्ञान साझाकरण और सहयोगात्मक प्रयासों के माध्यम से दोनों संस्थान देश में स्वास्थ्य एवं अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

यह एमओयू न केवल दोनों संस्थानों के बीच अकादमिक एवं शोध सहयोग को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा, बल्कि छात्रों और शोधार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की विशेषज्ञता एवं अत्याधुनिक शोध सुविधाओं से जुड़ने का अवसर भी प्रदान करेगा।

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