नोएडा

सेक्टर-73 में 18 जुलाई को गूंजेगी दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा, शाम को कवि बांधेंगे समां

फस्टवन रिहैब फाउंडेशन मनाएगा फाउंडेशन डे, केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा,वरिष्ट बीजेपी नेता मुरली मनोहर होंगे मुख्य अतिथि

नोएडा: सपनों को पंख और हुनर को पहचान दिलाने के उद्देश्य से फस्टवन रिहैब फाउंडेशन सेक्टर-73 सामुदायिक केंद्र में 18 जुलाई को फाउंडेशन डे पर भव्य आयोजन करेगा। कार्यक्रम दो सत्रों में होगा — सुबह दिव्यांग बच्चों की प्रस्तुति और शाम को कवि सम्मेलन। आयोजन को लेकर आसपास की सोसाइटियों में चर्चा तेज है।

संस्था के संस्थापक एवं निदेशक डॉ. महिपाल सिंह ने बताया कि प्रथम सत्र शनिवार 18 जुलाई को सुबह 10 बजे से शुरू होगा। इसमें जरूरतमंद दिव्यांग बच्चे सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। ‘एक सम्मान मां के नाम’ कार्यक्रम के साथ संस्था की पुस्तक व वार्षिक पत्रिका का विमोचन होगा। बच्चों के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण सत्र भी रखा गया है, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। इस मंच से विशेष बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

दूसरे सत्र में शाम 6 बजे से कवि सम्मेलन होगा। इसमें विष्णु सक्सेना, शंभू शिखर, विनोद पांडे, सरिता सिंह व शशि पांडेय जैसे मशहूर कवि अपनी रचनाओं से श्रोताओं का मनोरंजन करेंगे। अतिथियों का स्वागत व सम्मान भी किया जाएगा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा व भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी होंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. पीयूष द्विवेदी, कुश्ती संघ गौतमबुद्ध नगर के अध्यक्ष सतपाल यादव, सागर सिन्हा, सत्यम पांडे एवं महर्षि यूनिवर्सिटी के जनसंपर्क अधिकारी शिवम् यादव मौजूद रहेंगे साथ ही इस कार्यक्रम में शहर के गणमान्य भी शामिल होंगे,

आयोजन में यू फ्लैक्स के दिनेश जैन, लोकमंच के महासचिव महेश सक्सेना, फेलिक्स अस्पताल के चेयरमैन डीके गुप्ता, किसान नेता सुखवीर खलीफा, रामा बैंक्विट के अमरजीत सिंह, फोनरवा कोषाध्यक्ष पवन यादव, सेक्टर-122 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष शिवकुमार तिवारी, सेक्टर-70 से अमित चौहान, सुखदेव शर्मा, मनोज चौधरी समेत शहर के कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

डॉ. महिपाल सिंह ने बताया कि फाउंडेशन लगातार जरूरतमंद दिव्यांग बच्चों के पुनर्वास व प्रशिक्षण पर काम कर रहा है। यह कार्यक्रम बच्चों को मंच देने के साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण से जोड़कर उन्हें रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करेगा। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा। पुस्तक विमोचन व सम्मान समारोह से बच्चों व उनके परिवारों को प्रोत्साहन मिलेगा।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!