गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के 19वें स्थापना दिवस पर मिशन शक्ति सैट का भव्य शुभारंभ, 108 देशों की छात्राओं की रहेगी भागीदारी

ग्रेटर नोएडा:गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा का 19वां स्थापना दिवस आज भव्य समारोह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय में मिशन शक्तिसैट का भी औपचारिक शुभारंभ किया गया, जो 23 से 31 अगस्त तक चलेगा। कार्यक्रम में भारत सहित 108 देशों की प्रतिभागी छात्राओं ने सहभागिता की। विभिन्न देशों से पहुंची छात्राओं की उपस्थिति ने समारोह को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री एवं गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री योगी आदित्यनाथ जी रहे। समारोह में उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री एवं विशिष्ट अतिथि श्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, स्पेस किड्ज़ इंडिया की संस्थापक डॉ. श्रीमथी केसन् तथा IN-SPACe के निदेशक श्री विनोद कुमार जी सहित अंतरिक्ष एवं शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
इस अवसर पर विंग कमांडर राकेश शर्मा जी भी ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े और उन्होंने मिशन शक्तिसैट के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी पृथ्वी ग्रह के भविष्य के संरक्षक हैं और हमें अपने ज्ञान एवं क्षमताओं का उपयोग पृथ्वी तथा मानवता के बेहतर भविष्य के लिए करना चाहिए।
कुलपति ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का किया स्वागत,कार्यक्रम का शुभारंभ गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों, वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, विद्यार्थियों तथा सभी आमंत्रित अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के 19वें स्थापना दिवस पर मिशन शक्तिसैट का शुभारंभ GBU के लिए गौरव और ऐतिहासिक अवसर है।
प्रो. सिंह ने कहा कि गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में नवाचार, वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करना भी है। उन्होंने कहा कि 108 देशों की छात्राओं का एक मंच पर आना इस बात का प्रमाण है कि विज्ञान और अंतरिक्ष मानवता को जोड़ने की शक्ति रखते हैं।
उन्होंने इस अवसर पर विश्वविद्यालय में पिछले एक वर्ष के दौरान नवाचार, शोध, खेल तथा अन्य क्षेत्रों में विद्यार्थियों और शिक्षकों द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों को भी साझा किया।
मुख्य अतिथि श्री योगी आदित्यनाथ जी ने ऑनलाइन माध्यम से विश्वविद्यालय के 19वें स्थापना दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं दीं। युवा विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आने वाला समय केवल डिग्री का नहीं, बल्कि आइडियाज़, इनोवेशन, इंटरप्रेन्योरशिप और टेक्नोलॉजी का है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे स्वयं को ‘फ्यूचर रेडी ,इनोवेशन रेडी और नेशन रेडी ’ बनाएं।
मिशन शक्तिसैट की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विश्व स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि भारत की अंतरिक्ष यात्रा केवल वैज्ञानिक उपलब्धियों की यात्रा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत, नवाचार और युवा शक्ति की यात्रा भी है। उन्होंने युवाओं से ‘नेशन फर्स्ट ’ की भावना के साथ आगे बढ़ने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि श्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से शिक्षा, तकनीक, नवाचार और उद्योग के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मिशन शक्तिसैट जैसे कार्यक्रम युवाओं को अत्याधुनिक तकनीकों से जोड़ने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करते हैं।
उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि आज की बेटियां विज्ञान, तकनीक, अंतरिक्ष और अनुसंधान के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल कर रही हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नए विचारों के साथ आगे बढ़ने और देश के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
स्पेस किड्ज़ इंडिया की संस्थापक डॉ. श्रीमथी केसन् ने मिशन शक्तिसैट की परिकल्पना और उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस मिशन का उद्देश्य केवल किसी एक देश के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्व के विभिन्न देशों के साथ मिलकर समावेशी विकास और वैज्ञानिक सहयोग को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि मिशन शक्तिसैट के माध्यम से दुनिया भर की प्रतिभाशाली छात्राओं को अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मिशन शक्तिसैट छात्राओं को केवल अंतरिक्ष के बारे में जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें उपग्रह निर्माण, पेलोड विकास, सिस्टम इंजीनियरिंग और वास्तविक अंतरिक्ष मिशनों की प्रक्रिया से परिचित कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय को इस अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम की मेजबानी के लिए धन्यवाद दिया।
विश्वविद्यालय के शिक्षकों को पिछले एक वर्ष के दौरान किए गए उत्कृष्ट शोध कार्य, पेटेंट एवं पुस्तक प्रकाशन के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डॉ. विक्रांत नैन को प्रथम (स्कूल ऑफ़ बायोटेक्नोलॉजी), डॉ. नागेंद्र को द्वितीय (स्कूल ऑफ़ बायोटेक्नोलॉजी) तथा डॉ. शक्ति (स्कूल ऑफ़ बायोटेक्नोलॉजी) को तृतीय स्थान प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने वाले विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। देश के विभिन्न क्षेत्रों की कला, संस्कृति, संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियों ने विदेशी प्रतिभागियों को भारत की सांस्कृतिक विविधता से परिचित कराया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को प्रदर्शित करते हुए कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति और वैश्विक सहभागिता का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया।
मिशन शक्तिसैट के अंतर्गत प्रतिभागियों को अंतरिक्ष विज्ञान, उपग्रह प्रौद्योगिकी, पेलोड विकास, इलेक्ट्रॉनिक्स, सिस्टम इंजीनियरिंग और स्टेम शिक्षा से संबंधित प्रशिक्षण एवं विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को उपग्रह की अवधारणा और डिजाइन से लेकर विकास, परीक्षण और अंतरिक्ष में तैनाती तक की प्रक्रिया को समझने का अवसर मिलेगा।
इस पहल के अंतर्गत शक्तिसैट-लियो और शक्तिसैट-मून सहित छात्र-निर्मित उपग्रहों के विकास की योजना भी शामिल है।
कार्यक्रम के अंत में प्रो. एस. धनलक्ष्मी, डीन, स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों, वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, विद्यार्थियों तथा कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।






