श्री द्रोणाचार्य पी.जी. कॉलेज, दनकौर में मनाया गया अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस

दनकौर, गौतमबुद्ध नगर। श्री द्रोणाचार्य पी.जी. कॉलेज, दनकौर में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर “बाल विवाह समाप्त करें और बालिकाओं के अधिकारों में निवेश करें” विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना तथा बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और समान अधिकारों के प्रति समाज को संवेदनशील बनाना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. अजमत आरा ने किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के इतिहास और महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, “बालिका का बचपन सुरक्षित रखना, उसकी शिक्षा सुनिश्चित करना और उसे अपने भविष्य के निर्णय लेने का अवसर देना ही सशक्त समाज की सच्ची पहचान है। बाल विवाह बालिका के सपनों, स्वतंत्रता और विकास में बाधा उत्पन्न करता है।”
इसके पश्चात डॉ. संगीता रावल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, “बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा और बाल विवाह की समाप्ति के लिए परिवार, समाज तथा शिक्षण संस्थानों को मिलकर प्रयास करना चाहिए। प्रत्येक बालिका को शिक्षा, समानता और आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराना ही उज्ज्वल भविष्य की नींव है।”
कला विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार (पिंटू) ने कहा, “बालिकाओं को समान अवसर प्रदान करना केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का नैतिक दायित्व है। शिक्षा और जागरूकता के माध्यम से ही बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त किया जा सकता है।”
राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रशांत कनौजिया ने कहा, “बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता फैलाना और प्रत्येक बालिका को शिक्षा तथा सम्मान का अधिकार दिलाना हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है। राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करती है।”
उपप्राचार्या डॉ. रश्मि गुप्ता ने कहा, “बालिकाओं को शिक्षित, आत्मनिर्भर और अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना समय की आवश्यकता है। बाल विवाह-मुक्त समाज के निर्माण में शिक्षण संस्थानों की भूमिका अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।”
प्राचार्य डॉ. गिरीश कुमार वत्स ने अपने संदेश में कहा, “किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसकी बेटियों की उन्नति से जुड़ी होती है। हमें ऐसा वातावरण बनाना चाहिए, जहाँ प्रत्येक बालिका सुरक्षित बचपन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सम्मानपूर्ण जीवन प्राप्त कर सके।”
कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी विभागों के विभागाध्यक्षों एवं आचार्यों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के माध्यम से बाल विवाह उन्मूलन, बालिका शिक्षा और समान अधिकारों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।






