“शिव शक्ति मंदिर ट्रस्ट में करोड़ों की अनियमितताओं की आशंका, जिला प्रशासन ने गठित की जांच समिति”

ग्रेटर नोएडा:सेक्टर डेल्टा-2 आर डब्ल्यूए उपाध्यक्ष रिंकू भाटी ने बताया कि शिव शक्ति मंदिर में पहले से विधिवत मंदिर समिति होने के बावजूद नियमों को दरकिनार कर ट्रस्ट का गठन किए जाने तथा वर्षों से आय-व्यय का कोई सार्वजनिक हिसाब न देने के गंभीर आरोपों के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच समिति का गठन कर दिया है।
श्रद्धालुओं का आरोप है मंदिर समिति के अध्यक्ष प्रमोद भाटी द्वारा मंदिर में आने वाली दानराशि, आजीवन एवं सामान्य सदस्यता के नाम पर एकत्र की गई धनराशि, ट्रस्ट गठन की प्रक्रिया तथा सदस्यों की वास्तविक सूची को आज तक सार्वजनिक नहीं किया गया। आखिर कितने सदस्य बनाए गए, किस आधार पर बनाए गए और उनसे कितनी धनराशि ली गई—इन सभी सवालों पर मंदिर समिति के पदाधिकारी लगातार चुप्पी साधे हुए हैं।
इन्हीं गंभीर शिकायतों के आधार पर उपजिलाधिकारी सदर, गौतमबुद्धनगर द्वारा जांच समिति गठित की गई है। समिति को ट्रस्ट एवं समिति के आय-व्यय, ट्रस्ट गठन की प्रक्रिया तथा बायलॉज के अनुसार सदस्यों के विवरण की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि मामला अत्यंत गंभीर है और प्रशासन ने शिकायतों को प्रथम दृष्टया जांच योग्य माना है। श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों में मंदिर प्रबंधन के रवैये को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों की मांग है कि यदि जांच में वित्तीय अनियमितताएं, पद के दुरुपयोग अथवा धन के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा मंदिर के प्रत्येक रुपये का सार्वजनिक हिसाब श्रद्धालुओं के सामने रखा जाए।
श्रद्धालुओं की प्रमुख मांगें:
मंदिर की आय-व्यय का पूर्ण ऑडिट सार्वजनिक किया जाए।
सदस्यता शुल्क एवं दानराशि का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए।
ट्रस्ट गठन की वैधानिकता की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
जांच रिपोर्ट सार्वजनिक कर दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जाए, यदि अनियमितताएं सिद्ध हों।
“मंदिर श्रद्धा का केंद्र है, किसी व्यक्ति या समूह की निजी जागीर नहीं। श्रद्धालुओं के विश्वास से खिलवाड़ करने वालों को कानून के कठघरे में लाना ही होगा।”






