ऑस्ट्रेलिया उच्चायोग, नई दिल्ली में ‘डिजिटल शिक्षण एवं अधिगम’ कार्यशाला का भव्य शुभारंभ

ग्रेटर नोएडा: टीचिंग एक्सीलेंस अकेडमी, उत्तर प्रदेश द्वारा मोनाश विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रेलिया के सहयोग से गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित ‘डिजिटल शिक्षण एवं अधिगम को सशक्त बनाना: कक्षा के लिए व्यावहारिक विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी एवं गणित शिक्षा’ विषयक कार्यशाला का भव्य उद्घाटन ऑस्ट्रेलियन हाई कमिशन, नई दिल्ली में किया गया। उद्घाटन समारोह में वक्ता के रूप में डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन, ऑस्ट्रेलियन हाई कमिशन के मिनिस्टर काउंसलर जॉर्ज थिव्स, स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमिशन, उत्तर प्रदेश सरकार के सीईओ श्री मनोज कुमार सिंह (आईएएस), डिपार्टमेंट ऑफ फॉरेन अफेयर्स एंड ट्रेड, गवर्नमेंट ऑफ ऑस्ट्रेलिया के मिनिस्टर काउंसलर कार्ले पैट्रिज़, फेकल्टी ऑफ एजुकेशन, मोनाश विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता (अंतर्राष्ट्रीय) प्रो. डियाना लिही, उत्तर प्रदेश सरकार के फॉर्मर चीफ यूजीसी एंड एजुकेशन एडवाइजर प्रो. डी.पी. सिंह, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह, मोनाश विश्वविद्यालय के प्रो. गिलियन किडमैन, टाटा ट्रस्ट, लीड एजुकेशन के अमृता पटवर्धन, सरदार पटेल विद्यालय, नई दिल्ली की अनुराधा जोशी, मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय, 
गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. माधव गोविन्द, मोनाश विश्वविद्यालय एंड एनआइईपीए की प्रो. मनीषा प्रीयम जी रहीं।
अपने संबोधन में श्री मनोज कुमार सिंह ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा, “पहले लोग शिक्षा से दूर थे, लेकिन अब शिक्षा को घर-घर तक पहुँचाया जा रहा है। प्रत्येक 500 मीटर पर विद्यालय स्थापित करने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री विद्यालय परियोजना’ पर कार्य किया जा रहा है।”
जॉर्ज थिव्स ने शिक्षक को शिक्षा व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण इकाई बताते हुए उत्तर प्रदेश और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए समझौता ज्ञापन की सराहना की। उन्होंने हिंदी भाषा और भारतीय फिल्मों के प्रति अपनी रुचि भी व्यक्त की।
इस अवसर पर जीबीयू के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “मैं उत्तर प्रदेश सरकार का धन्यवाद करता हूँ कि उन्होंने हम पर विश्वास जताया। यह कार्यशाला प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक सिद्ध होगी।”
कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. प्रभात राय ने दिया । इस अवसर पर गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।






