ईद पर भी नहीं मिल सकी नमाजियों को जल भराव से निजात
वाल्मीकि चौक से लोहारू मस्जिद तक रोजाना बनता है सडक पर गन्दे पानी का तालाब

औरंगाबाद( बुलंदशहर )औरंगाबाद कस्बे में एक मौहल्ला ऐसा भी है जिसमें बिना नागा हर दिन सड़क पर गंदा पानी बहता है और नालियों में बदबूदार कीचड़ पानी लवरेज रहता है। मक्खी मच्छरों की भरमार के साथ साथ घोर नरक में रहने को मजबूर मौहल्ला वासियों को किसी महामारी के पनपने की आशंका सताती रहती है।
औरंगाबाद कस्बे के वाल्मीकि चौक,पुराना वीसीआर, देहली दरवाजा लोहारू मस्जिद मौहल्ला वासियों को हर रोज सड़क और नालियों में लवरेज गंदगी बदबू दार पानी से होकर गुजरना पड़ता है। ऐसा नहीं है कि मौहल्ले वालों ने नगर पंचायत के सर्वेसर्वाओं को, अथवा कर्ताधर्ता कर्मचारियों को स्थिति से अवगत ना कराया हो , एक बार नहीं बार-बार गुहार लगाने के बाबजूद किसी भी जिम्मेदार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी।
कस्बे की गंदगी से हर दिन दो दो हाथ करने और तमाम कस्बे की गंदगी साफ करके कस्बे को स्वच्छ बनाए रखने वाले वाल्मीकि समाज के लोग खुद गंदगी और कींचड भरे गंदे पानी से होकर गुजरते घोर नरक में जीने को विवश होकर रह गये हैं।
नगर पंचायत के सर्वेसर्वाओं की कारगुजारी को सौ सौ बार कोसते तमाम मौहल्ले वाले कहते नजर आते हैं कि स्वच्छता अभियान पर लाखों डकारने वाले ईद जैसे पवित्र त्यौहार पर भी नमाजियों तक का ख्याल नहीं रख सके। ऐसे नाकारा सर्वेसर्वाओं को अल्लाह भी माफ नहीं करेगा।
रिपोर्टर राजेंद्र अगवाल






