शारदा विश्वविद्यालय ने क़्वान की डो में रचा नया इतिहास, उत्तर प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय बना एसोसिएशन का सदस्य

ग्रेटर नोएडा: शारदा विश्वविद्यालय ने खेल और मार्शल आर्ट्स के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय के स्पोर्ट्स सोसायटी और डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर (DSW) विभाग की ओर से बताया गया कि विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों ने वाराणसी में आयोजित 4वें उत्तर प्रदेश राज्य रेफरी एवं ट्रेनिंग क़्वान की डो सेमिनार में सफलतापूर्वक भाग लिया। इस सेमिनार का आयोजन उत्तर प्रदेश क़्वान की डो एसोसिएशन द्वारा किया गया था।
सेमिनार में शारदा विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व स्पोर्ट्स ऑफिसर रिशांक अग्रवाल, प्रिया कोरंगा, मौली शर्मा और मृदुल भारद्वाज ने किया। सभी प्रतिभागियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम श्रेणी (First Division) के साथ प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया और अपनी मेहनत, अनुशासन एवं खेल कौशल का परिचय दिया।
इस अवसर पर शारदा विश्वविद्यालय ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। विश्वविद्यालय को उत्तर प्रदेश क़्वान की डो एसोसिएशन का सदस्य बनने वाला प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय होने का गौरव प्राप्त हुआ। इसके साथ ही शारदा विश्वविद्यालय के स्पोर्ट्स ऑफिसर रिशांक अग्रवाल को उत्तर प्रदेश क़्वान की डो एसोसिएशन में असिस्टेंट रेफरी चेयरमैन (Assistant Referee Chairman) की जिम्मेदारी सौंपी गई।
इस उपलब्धि पर शारदा विश्वविद्यालय के वाइस-चांसलर प्रो. (डॉ.) सिबाराम खारा ने कहा “शारदा विश्वविद्यालय हमेशा से छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ खेल और अन्य कौशल क्षेत्रों में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। क़्वान की डो जैसे अनुशासन और आत्मविश्वास बढ़ाने वाले खेल में विश्वविद्यालय की यह उपलब्धि हमारे प्रयासों को दर्शाती है। उत्तर प्रदेश क़्वान की डो एसोसिएशन का सदस्य बनना हमारे लिए गर्व का विषय है। हमें विश्वास है कि यह पहल छात्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए नए अवसर प्रदान करेगी।”
डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा “छात्रों के समग्र विकास के लिए खेलों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। क़्वान की डो जैसी मार्शल आर्ट्स गतिविधियां छात्रों में अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करती हैं। शारदा विश्वविद्यालय की यह उपलब्धि खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की हमारी निरंतर कोशिशों का परिणाम है। आने वाले समय में हम ऐसे और अवसर तैयार करने की दिशा में काम करते रहेंगे, जिससे छात्र अपनी प्रतिभा को बेहतर मंच पर प्रदर्शित कर सकें।”
शारदा विश्वविद्यालय की यह उपलब्धि खेलों और मार्शल आर्ट्स के क्षेत्र में उसकी बढ़ती भागीदारी और प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह कदम उत्तर प्रदेश में क़्वान की डो के विकास को बढ़ावा देने और युवाओं को इस खेल से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।






