फिजियोथैरेपी डे पर कार्यक्रम का आयोजन डॉक्टर महिपाल की केंद्रीय मंत्री ने साझा किए अपने अनुभव जमकर की तारीफ

नोएडा: आज के समय में कमर, गर्दन, कंधे और घुटनों के दर्द, सर्वाइकल, स्पॉन्डिलाइटिस, लकवा फर्स्ट वन वे हैव फाउंडेशन द्वारा फिजियोथैरेपी डे पर कार्यक्रम का आयोजन डॉक्टर महिपाल की जमकर हुई तारीफ(स्ट्रोक) और हृदय रोग के बाद रिकवरी के लिए फिजियोथेरेपी बेहद जरूरी हो गई है। व्यायाम, मसाज और आधुनिक मशीनों से बिना दवा के इलाज संभव है। चोट, फ्रैक्चर या ऑपरेशन के बाद भी डॉक्टर फिजियोथेरेपी की सलाह देते हैं।
यह बात केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने विश्व फिजियोथेरेपी दिवस पर सेक्टर-70 स्थित फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन में आयोजित कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि फिजियोथेरेपी को केवल दिव्यांगजनों तक सीमित न समझें, यह हर व्यक्ति के स्वस्थ जीवन और रोगों की रोकथाम के लिए जरूरी है। नियमित व्यायाम और समय पर फिजियोथेरेपी से बड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है।

फाउंडेशन के डायरेक्टर डॉ. महिपाल सिंह ने बताया कि इस अवसर पर चार शहरों – नोएडा, जौनपुर (स्नेह राजेश ट्रस्ट), देहरादून (विंसम स्टेप्स) और प्रयागराज (गायत्री पुनर्वास केंद्र) में 7-8 सितंबर तक दो दिवसीय स्वास्थ्य जागरूकता शिविर लगाए गए। इस वर्ष की थीम ‘स्ट्रोक एवं हृदय रोगों की रोकथाम, प्रबंधन एवं पुनर्वास’ रही, जिसमें कुल 263 मरीजों को निःशुल्क परामर्श दिया गया।
शिविर में डॉ. महिपाल ने वर्क रिलेटेड डिसऑर्डर्स, डॉ. दीक्षा ने न्यूरो व स्ट्रोक पुनर्वास, डॉ. सुष्मिता भाटी ने महिलाओं की समस्याओं और डॉ. प्रीति ने सीपीआर से जीवन रक्षा पर सत्र लिए। फिजियोथेरेपिस्ट अभिनव प्रताप सिंह ने एरोबिक व स्ट्रेचिंग का प्रशिक्षण दिया।
इस मौके पर प्रसिद्ध कवि शंभू शिखर ने डॉ. महिपाल सिंह को सम्मानित किया और दिव्यांग बच्चों के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की।






