दनकौर

श्री द्रोणाचार्य (पी.जी.) कॉलेज में अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर कार्यक्रम आयोजित

जलियांवाला बाग हत्याकांड पर दी श्रद्धांजलि

दनकौर:श्री द्रोणाचार्य (पी.जी.) कॉलेज, दनकौर में सोमवार को जलियांवाला बाग हत्याकांड के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने एवं भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर एक संयुक्त कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के प्रबंधक श्री रजनीकांत अग्रवाल के निर्देशन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत जलियांवाला बाग हत्याकांड (13 अप्रैल 1919) के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मौन धारण से की गई। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. गिरीश कुमार वत्स, उप-प्राचार्या डॉ. रश्मि गुप्ता सहित समस्त महाविद्यालय परिवार उपस्थित रहा।
प्राचार्य डॉ. वत्स ने अपने संबोधन में बताया कि रोलेट एक्ट के विरोध में अमृतसर के जलियांवाला बाग में एकत्रित शांतिपूर्ण नागरिकों पर जनरल डायर द्वारा अंधाधुंध गोलीबारी करवाई गई थी, जिसमें अनेक निर्दोष लोग शहीद हो गए थे।
इसके पश्चात अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य एवम् अन्य द्वारा पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।
उप-प्राचार्या डॉ. रश्मि गुप्ता ने कहा कि डॉ. अंबेडकर एक महान शिक्षाविद एवं समाज सुधारक थे, जिन्होंने समानता और सामाजिक न्याय के आधार पर समाज को नई दिशा दी। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं।
डॉ. राजीव (पिंटू) ने अपने वक्तव्य में कहा, “शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जो पिएगा वही दहाड़ेगा,” और विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व के प्रति प्रेरित किया।
अंत में प्राचार्य डॉ. गिरीश कुमार वत्स ने विद्यार्थियों को महापुरुषों के आदर्शों का अनुसरण करते हुए शिक्षा का अधिक से अधिक प्रसार करने का संदेश दिया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। (पी.जी.) कॉलेज, दनकौर में सोमवार को जलियांवाला बाग हत्याकांड के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने एवं भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर एक संयुक्त कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के प्रबंधक श्री रजनीकांत अग्रवाल के निर्देशन में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम की शुरुआत जलियांवाला बाग हत्याकांड (13 अप्रैल 1919) के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मौन धारण से की गई। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. गिरीश कुमार वत्स, उप-प्राचार्या डॉ. रश्मि गुप्ता सहित समस्त महाविद्यालय परिवार उपस्थित रहा।

प्राचार्य डॉ. वत्स ने अपने संबोधन में बताया कि रोलेट एक्ट के विरोध में अमृतसर के जलियांवाला बाग में एकत्रित शांतिपूर्ण नागरिकों पर जनरल डायर द्वारा अंधाधुंध गोलीबारी करवाई गई थी, जिसमें अनेक निर्दोष लोग शहीद हो गए थे।

इसके पश्चात अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य एवम् अन्य द्वारा पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।

उप-प्राचार्या डॉ. रश्मि गुप्ता ने कहा कि डॉ. अंबेडकर एक महान शिक्षाविद एवं समाज सुधारक थे, जिन्होंने समानता और सामाजिक न्याय के आधार पर समाज को नई दिशा दी। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं।

डॉ. राजीव (पिंटू) ने अपने वक्तव्य में कहा, “शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जो पिएगा वही दहाड़ेगा,” और विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व के प्रति प्रेरित किया।

अंत में प्राचार्य डॉ. गिरीश कुमार वत्स ने विद्यार्थियों को महापुरुषों के आदर्शों का अनुसरण करते हुए शिक्षा का अधिक से अधिक प्रसार करने का संदेश दिया,इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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