गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य जागरूकता का दिया गया विशेष संदेश

ग्रेटर नोएडा:गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी एवं राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ, जीबीयू द्वारा चिप फाउडेंशन तथा शारदा विश्वविद्यालय के सहयोग से एक निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य विश्वविद्यालय समुदाय में निवारक स्वास्थ्य देखभाल, कैंसर की प्रारंभिक जांच, तंबाकू से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता तथा स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संकाय सदस्यों, विश्वविद्यालय कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और स्वास्थ्य जांच सुविधाओं का लाभ प्राप्त किया। शिविर में ओरल कैंसर स्क्रीनिंग, तंबाकू त्याग परामर्श, स्तन एवं सर्वाइकल कैंसर जागरूकता, सामान्य स्वास्थ्य जांच एवं विशेषज्ञ स्वास्थ्य परामर्श जैसी महत्वपूर्ण सेवाएँ प्रदान की गईं।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रोफेसर राणा प्रताप सिंह एवं डीन एकेडमिक्स प्रोफेसर राजीव वार्षण्य ने भी स्वास्थ्य जांच गतिविधियों में भाग लेकर विश्वविद्यालय समुदाय को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने एवं नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर माननीय कुलपति ने कहा कि “स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता ही एक सशक्त और समृद्ध समाज की नींव है। समय पर जांच और स्वस्थ आदतें अनेक गंभीर बीमारियों से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।”
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को तंबाकू सेवन से होने वाले स्वास्थ्य दुष्प्रभावों, विशेषकर मुख कैंसर के बढ़ते जोखिम के प्रति जागरूक किया गया। 31 मई को मनाए जाने वाले ‘विश्व तंबाकू निषेध दिवस’ के संदर्भ में विशेषज्ञों ने उपस्थित जनसमूह से तंबाकू मुक्त जीवन अपनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। इस वर्ष की थीम के अनुरूप यह संदेश दिया गया कि “तंबाकू से दूरी ही स्वस्थ और सुरक्षित जीवन की कुंजी है।”
स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी की डीन, प्रो. धन लक्ष्मी ने कार्यक्रम की सफलता हेतु माननीय कुलपति प्रोफेसर राणा प्रताप सिंह द्वारा प्रदान किए गए सहयोग एवं प्रोत्साहन के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यक्रम में सहयोग देने वाले सभी साझेदार संस्थानों, चिकित्सकों, विशेषज्ञों, संकाय सदस्यों, एनएसएस स्वयंसेवकों तथा प्रतिभागियों का भी धन्यवाद ज्ञापित किया।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस प्रकार की स्वास्थ्य एवं जागरूकता गतिविधियों को भविष्य में भी निरंतर आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की, ताकि जीबीयू समुदाय को एक स्वस्थ, जागरूक एवं तंबाकू-मुक्त वातावरण प्रदान किया जा सके।






