ग्रेटर नोएडा

UPITS 2026: वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में भारत के उभरने की दिशा में उत्तर प्रदेश की बड़ी पहल

वैश्विक व्यापार के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा उत्तर प्रदेश, UPITS 2026 में दिखेगी औद्योगिक और कारोबारी ताकत

ग्रेटर नोएडा: वैश्विक व्यापार व्यवस्था में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच भारत आर्थिक स्थिरता और विकास के एक मजबूत केंद्र के रूप में उभर रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रही, जिससे भारत लगातार चार वर्षों तक दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना हुआ है। 7 प्रतिशत की अनुमानित मध्यम अवधि की विकास क्षमता, 1.7 प्रतिशत के रिकॉर्ड निम्न स्तर की महंगाई और 700 अरब डॉलर से अधिक के विदेशी मुद्रा भंडार जैसे मजबूत आर्थिक संकेतक भारत की बढ़ती वैश्विक आर्थिक भूमिका को दर्शाते हैं।

इसी व्यापक आर्थिक बदलाव के केंद्र में उत्तर प्रदेश तेजी से एक ऐसे औद्योगिक और कारोबारी केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है, जो स्थानीय विनिर्माण, पारंपरिक उद्योगों और वैश्विक बाजारों के बीच मजबूत कड़ी तैयार कर रहा है। 25 से 29 सितंबर 2026 तक इंडिया एक्सपो मार्ट, ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाला चौथा उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS 2026) वैश्विक व्यापार और उत्तर प्रदेश की विनिर्माण क्षमता को एक मंच पर लाने वाला प्रमुख आयोजन होगा।

UPITS 2026 में रूस, ऑस्ट्रिया, जापान, सिंगापुर और वियतनाम सहित पांच देशों की भागीदारी तय है। इन देशों की भागीदारी भारत के साथ उनके मजबूत आर्थिक और राजनयिक संबंधों को दर्शाने के साथ-साथ वैश्विक मंच पर उत्तर प्रदेश की बढ़ती आर्थिक अहमियत को भी रेखांकित करती है।

UPITS 2026 में रूस की भागीदारी भारत और रूस के लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण होगी। BRICS में भारत के साथ रूस की महत्वपूर्ण भूमिका के बीच UPITS 2026 में B2B राउंडटेबल और सरकारी स्तर की बातचीत के माध्यम से दोनों देशों के कारोबारी संबंधों को आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा।

रूसी उद्योगों और उत्तर प्रदेश के MSME क्षेत्र के बीच सीधे संवाद से नए व्यापारिक अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक संपर्क मजबूत होने के साथ-साथ दक्षिण-दक्षिण सहयोग और वैकल्पिक वैश्विक व्यापार मार्गों को भी बढ़ावा मिलेगा।

ऑस्ट्रिया की भागीदारी के तहत भारत के मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs) का वैश्विक कारोबारी विकास के लिए उपयोग जैसे विषयों पर ज्ञान सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य स्थानीय निर्माताओं, कारीगरों और व्यवसायों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने तथा नीतिगत अवसरों को व्यावहारिक निर्यात क्षमता में बदलने पर केंद्रित होगा।

ऑस्ट्रिया की औद्योगिक और तकनीकी विशेषज्ञता को Doppelmayr और Efkon जैसे प्रमुख औद्योगिक नामों की मौजूदगी से भी बल मिलेगा। इससे उत्तर प्रदेश के कारोबारी नेटवर्क को यूरोपीय तकनीक, औद्योगिक विशेषज्ञता और वैश्विक बाजारों के साथ जुड़ने का अवसर मिलेगा।

जापान की भागीदारी में Japan External Trade Organization (JETRO) से जुड़े प्रयास महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। UPITS 2026 के दौरान उत्तर प्रदेश में जापानी निवेश को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान रहेगा।

यमुना एक्सप्रेसवे के पास नोएडा क्षेत्र में विकसित किए जा रहे 500 एकड़ के जापानी औद्योगिक शहर का विकास भारत-जापान औद्योगिक सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। जापान के साथ लंबे समय से चले आ रहे विश्वास और औद्योगिक सहयोग से उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे, हाई-टेक विनिर्माण और निवेश क्षमता को मजबूती मिल रही है।

UPITS 2026 में सिंगापुर की भागीदारी भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच वित्त, लॉजिस्टिक्स और नवाचार के क्षेत्र में उसके रणनीतिक महत्व को दर्शाती है। हाई कमिश्नर H.E. Simon Wong के नेतृत्व में सिंगापुर का प्रतिनिधिमंडल स्मार्ट लॉजिस्टिक्स, हाई-टेक स्टार्टअप इन्क्यूबेशन, ग्रीन टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में निवेश और सहयोग के अवसरों पर ध्यान देगा।

सिंगापुर की भूमिका उत्तर प्रदेश के तेजी से विकसित हो रहे इलेक्ट्रॉनिक्स और विनिर्माण क्षेत्रों को पूर्वी एशिया और ASEAN बाजारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण हो सकती है। इससे उत्तर प्रदेश की स्थानीय कंपनियों को 128 अरब डॉलर के ASEAN-India व्यापार गलियारे से जुड़ने, सीमा-पार पूंजी प्रवाह बढ़ाने और तकनीक आधारित व्यापार दक्षता को मजबूत करने के अवसर मिलेंगे।

वियतनाम की भागीदारी भारत की ‘Act East Policy’ के अनुरूप एशियाई विनिर्माण और व्यापारिक सप्लाई चेन के साथ भारत के बढ़ते एकीकरण को दर्शाती है। Trade Counsellor Bui Trung Thuong के नेतृत्व में वियतनाम का प्रतिनिधिमंडल दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ाने पर केंद्रित रहेगा।

भारत और वियतनाम के बीच द्विपक्षीय व्यापार 18 अरब डॉलर से अधिक हो चुका है और दोनों देश वर्ष 2030 तक इसे 25 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखते हैं। UPITS 2026 में हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स असेंबली, टेक्सटाइल उत्पादन और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर जोर रहेगा।

वियतनामी कंपनियों को उत्तर प्रदेश के तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक केंद्रों से जोड़कर यह आयोजन एशियाई सप्लाई चेन में विविधता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इससे उभरते ‘China + India + Vietnam’ मैन्युफैक्चरिंग मॉडल को भी गति मिलने की संभावना है।

पारंपरिक शिल्प से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रीन एनर्जी तक उत्तर प्रदेश की यह रणनीतिक पहल भारत की व्यापक वैश्विक आर्थिक प्रगति के साथ आगे बढ़ रही है। भारत का कुल निर्यात 825 अरब डॉलर के पार पहुंच चुका है। इसी वैश्विक विस्तार के बीच UPITS 2026 उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उद्योगों और आधुनिक औद्योगिक क्षेत्रों को एक साझा मंच पर लाएगा।

राज्य की पहचान और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने वाली ‘एक जिला, एक उत्पाद’ (ODOP) पहल के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, डिफेंस कॉरिडोर, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) विनिर्माण और ग्रीन एनर्जी जैसे उभरते क्षेत्र भी इस आयोजन का हिस्सा होंगे।

2,400 से अधिक प्रदर्शकों और 1.5 लाख से अधिक अंतरराष्ट्रीय एवं घरेलू B2B खरीदारों की अनुमानित भागीदारी के साथ UPITS 2026 उत्तर प्रदेश की बदलती आर्थिक तस्वीर को दुनिया के सामने रखने वाला एक बड़ा मंच बनने जा रहा है।

UPITS 2026 इस बात का संकेत है कि उत्तर प्रदेश अब केवल वैश्विक व्यापार में भागीदारी करने वाला राज्य नहीं रह गया है, बल्कि स्थानीय विनिर्माण, MSME, पारंपरिक उद्योग और आधुनिक तकनीक को वैश्विक बाजारों से जोड़ते हुए भारत के उभरते वैश्विक व्यापार केंद्रों में अपनी मजबूत जगह बना रहा है।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!