आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर 150 बिस्तरों वाले अस्पताल की स्थापना का प्रस्ताव; विजय कौशल जी महाराज ने की पहल की सराहना

नोएडा: उत्तराखंड के दुर्गम एवं सीमावर्ती पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से सीमांत सेवा फाउंडेशन ने पिथौरागढ़ के निकट आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर 150 बिस्तरों वाले अस्पताल की स्थापना का प्रस्ताव रखा है। इस संबंध में नोएडा स्थित यथार्थ अस्पताल में कल देर शाम एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित परम पूज्य श्री विजय कौशल जी महाराज ने पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की कठिनाइयों को समझने और उनके समाधान के लिए किए जा रहे फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना की।
इस कार्यक्रम का आयोजन सीमांत सेवा फाउंडेशन की दिल्ली आयोजन समिति द्वारा किया गया। समिति में गौरव वार्ष्णेय, गीता रानी, विनीत सिंह और डॉ. भुवन पांडेय शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन अनुराग पुनेठा ने किया। इस अवसर पर यथार्थ अस्पताल, नोएडा के निदेशक श्री कपिल त्यागी भी उपस्थित रहे।
प्रस्तावित अस्पताल का उद्देश्य पिथौरागढ़ के दूरस्थ सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इन क्षेत्रों की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित स्वास्थ्य सेवाओं के कारण लोगों को समय पर उपचार प्राप्त करने में अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यह अस्पताल स्थानीय निवासियों के साथ-साथ आदि कैलाश की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं और सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात सुरक्षाकर्मियों की चिकित्सा संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में भी सहायक होगा।
इस पहल के अंतर्गत आवश्यक चिकित्सकीय जांच सुविधाएं, विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श, उपचार सेवाएं और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की परिकल्पना की गई है। इसका उद्देश्य क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को सुदृढ़ करना और लोगों को उनके निवास स्थान के निकट ही आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम के दौरान परम पूज्य श्री विजय कौशल जी महाराज ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा, “पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की कठिनाइयों को समझना और उनके समाधान के लिए निष्ठापूर्वक प्रयास करना अत्यंत आवश्यक है। दूरस्थ सीमावर्ती क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए सीमांत सेवा फाउंडेशन द्वारा की गई यह पहल जरूरतमंद लोगों की सेवा की दिशा में एक सराहनीय कदम है। इन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में जीवनयापन करने वाले लोगों के कल्याण के प्रति फाउंडेशन की प्रतिबद्धता प्रशंसनीय है।”
इस अवसर पर सीमांत सेवा फाउंडेशन के सचिव डॉ. सिद्धार्थ पाटनी ने कहा, “हमारा उद्देश्य दूरस्थ सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है। इस प्रस्तावित अस्पताल के माध्यम से हम स्थानीय समुदायों, श्रद्धालुओं और सुरक्षाकर्मियों को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे, जिन्हें भौगोलिक कठिनाइयों के कारण समय पर उपचार प्राप्त करने में अक्सर परेशानियों का सामना करना पड़ता है।”
कार्यक्रम में सीमांत सेवा फाउंडेशन की इस प्रस्तावित अस्पताल परियोजना और इसके संभावित लाभों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। यह पहल दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों के निवासियों, आदि कैलाश आने वाले श्रद्धालुओं तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात सुरक्षाकर्मियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
रिपोर्ट- प्राची






