गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में एआई, एमएल एवं साइबर सुरक्षा पर ऑनलाइन एसटीटीपी का शुभारंभ
ग्रेटर नोएडा:गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू ) के स्कूल ऑफ़ इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी द्वारा एसोसिएशन ऑफ़ इंडियन यूनिवर्सिटीज (ए आई यू ), उसके अकादमिक एवं प्रशासनिक विकास केंद्र (AIU–GBU AADC) तथा IETE नोएडा सेंटर के सहयोग से दो सप्ताह की ऑनलाइन शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग प्रोग्राम (एसटीटीपी ) का औपचारिक शुभारंभ किया गया। यह एसटीटीपी “इमर्जिंग ट्रेंड्स इन आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस , मशीन लर्निंग, एंड साइबरसिक्योरिटी : फ्रॉम फंडामेंटल्स टू फ्रंटियर्स” विषय पर 2 से 14 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से 100 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने कार्यक्रम की समकालीन तकनीकी परिदृश्य में प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्राकृतिक बुद्धिमत्ता की व्यापकता और कृत्रिम प्रणालियों के साथ उसके सामंजस्य की आवश्यकता पर बल देते हुए प्रतिभागियों को नैतिकता, विवेक और अंतर्विषयी दृष्टिकोण के साथ नवाचार के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर डॉ. निधि सिंह, नोडल अधिकारी (AIU–GBU AADC) तथा डॉ. आरती गौतम डिंकर, कार्यक्रम संयोजक ने एसटीटीपी के उद्देश्य, संरचना एवं अकादमिक महत्व की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम फैकल्टी सदस्यों एवं शोधार्थियों को एआई, मशीन लर्निंग और साइबर सुरक्षा के नवीनतम आयामों से अवगत कराते हुए उनकी शोध क्षमता और भविष्य उन्मुख शिक्षण को सुदृढ़ करेगा।
कार्यक्रम में स्कूल ऑफ़ इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी के डीन डॉ. अरपित भारद्वाज ने इंटेलिजेंट सिस्टम्स और साइबर रेज़िलिएंस के बढ़ते संगम पर जोर देते हुए कहा कि तीव्र गति से विकसित हो रहे इन क्षेत्रों में सशक्त वैचारिक आधार के साथ अग्रिम शोध दृष्टि अत्यंत आवश्यक है।
समारोह का समापन कार्यक्रम संयोजक डॉ. राजू पाल द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने अतिथियों, वक्ताओं, आयोजन समिति, तकनीकी टीम एवं प्रतिभागियों के सहयोग और सक्रिय सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. अरुण सोलंकी (HoD–CSE), डॉ. विदुषी शर्मा (HoD–ECE), डॉ. अनुराग सिंह बघेल (चेयरपर्सन, कंप्यूटर सेंटर), डॉ. विमलेश कुमार (असिस्टेंट रजिस्ट्रार) सहित अनेक फैकल्टी सदस्य, छात्र एवं छात्र स्वयंसेवक तमल, काव्या, कात्यायनी आदि उपस्थित रहे।
यह दो-सप्ताह का ऑनलाइन एसटीटीपी ज्ञान-वर्धन, शोध उन्मुखता और सहयोगात्मक अधिगम को प्रोत्साहित करने वाली एक महत्वपूर्ण अकादमिक पहल है, जो भविष्य के बुद्धिमान एवं सुरक्षित डिजिटल इकोसिस्टम के निर्माण में सहायक सिद्ध होगी।






