“ब्रजभूमि में उमड़ा आस्था का सागर: श्री सींगन बाबा महोत्सव ने जगाई दिव्य चेतना”
भक्ति-रस में सराबोर हुआ खाम्बी: श्री सींगन बाबा महोत्सव ने बाँधा श्रद्धा का समां”

होडल(हरियाणा)करुणा, दया एवं धर्म-संरक्षण के साक्षात प्रतीक पूज्य श्री सींगन बाबा के वार्षिक महोत्सव का आयोजन इस वर्ष भी ग्राम खाम्बी (खम्बवन) की पावन ब्रजभूमि में अद्वितीय श्रद्धा, आध्यात्मिक उत्कर्ष एवं जन-समन्वय के साथ संपन्न हुआ। इस द्विदिवसीय धार्मिक अनुष्ठान ने भक्ति, संस्कृति एवं सामाजिक एकात्मता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। 
श्री सींगन बाबा मंदिर प्रांगण में आयोजित इस महोत्सव के अंतर्गत अखंड रामायण पाठ, संकीर्तन, भजन-सत्संग एवं विविध धार्मिक कार्यक्रम अत्यंत भाव-विभोर वातावरण में संपन्न हुए। समस्त ग्रामवासियों के सामूहिक सहयोग एवं समर्पण से यह आयोजन गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी भव्यता एवं गरिमा के उच्च शिखर पर प्रतिष्ठित रहा।

यहाँ पर हम एक सबसे महत्वपूर्ण विषय पर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं कि अनेक लोक मान्यताओं के अनुसार सिद्धेश्वर श्री सींगन बाबा जी और खेरा दैवत दादी मैय्या ने साक्षात रूप धारण करके हमारी बस्ती माता ग्राम खाम्बी की प्रत्येक संकट में स्वयं रक्षा की है। आज भी जो सच्चे ह्रदय से उनकी पूजा उपासना करता है तो उसे तुरंत प्रभाव से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। ये बस्ती माता उन्हीं की बसायी हुई बस्ती माता है। 
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ब्रजधाम के सुप्रसिद्ध भजनाचार्य पंडित तोताराम बृजवासी जी एवं विख्यात रेडियो-टेलीविज़न कलाकार पंडित तुहीराम खामियाँ की भजन मंडलियों द्वारा प्रस्तुत मधुर भजनों की संगीतमयी श्रृंखला रही। उनकी स्वर-साधना एवं ब्रज-रस से ओतप्रोत सुर-लहरियों ने वातावरण को आध्यात्मिक चेतना से आलोकित कर दिया, जिससे श्रद्धालु भाव-समाधि में निमग्न होते दिखाई दिए।
मीडिया एक्जीक्यूटिव भगवत प्रसाद शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस आयोजन की विशिष्टता सर्ववर्गीय सहभागिता रही, जिसमें बालक, युवा, महिलाएँ एवं वरिष्ठजन सभी ने समान उत्साह एवं श्रद्धाभाव के साथ योगदान दिया। ग्राम की गलियों में धार्मिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना एवं सामाजिक एकता का अद्भुत समन्वय दृष्टिगोचर हुआ।
बालकों द्वारा प्रस्तुत सृजनात्मक अभिनय एवं आकर्षक सज्जा ने जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया, वहीं युवाओं ने अनुशासन, दक्षता एवं सेवा-भाव के साथ समस्त व्यवस्थाओं का सफल संचालन कर आदर्श सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय दिया।
यह महोत्सव एक सशक्त संदेश भी संप्रेषित करता है कि वर्तमान पीढ़ी जिस सजगता, श्रद्धा एवं उत्साह के साथ अपनी सांस्कृतिक धरोहर को आत्मसात कर रही है, वह राष्ट्र के उज्ज्वल, सशक्त एवं मूल्यनिष्ठ भविष्य का द्योतक है।
ग्राम खाम्बी में आयोजित यह दिव्य उत्सव न केवल स्थानीय धार्मिक परंपराओं को सुदृढ़ करने में मील का पत्थर सिद्ध हुआ, बल्कि श्रद्धालुओं के मानस-पटल पर अमिट आध्यात्मिक छाप अंकित कर गया।
रिपोर्ट-भगवत प्रसाद शर्मा




