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गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती पर ‘21वीं सदी में भारत के नागरिकों के मूल अधिकार और स्वतंत्रताएँ’ विषय पर व्याख्यान का आयोजन

ग्रेटर नोएडा:डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती के उपलक्ष्य में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के इंटरनेशनल कन्वेन्शन सेंटर में ‘21वीं सदी में भारत के नागरिकों के मूल अधिकार और स्वतंत्रताएँ’ विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अंबेडकर सेंटर फॉर द स्टडीज़ ऑफ ह्यूमन राइट्स तथा राजनीति विज्ञान एवं अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सेंटर ऑफ वेस्ट एशियन स्टडीज़, जेएनयू के प्रो. महेंद्र प्रताप राणा, विशिष्ट अतिथि गृह मंत्रालय, भारत सरकार के उप सचिव (न्यायिक) डॉ. महेश चंद्र तथा मुख्य वक्ता समाजशास्त्र विभाग, इग्नू, नई दिल्ली के प्रो. रवींद्र कुमार और कार्यक्रम के संरक्षक गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह तथा उपसंरक्षक मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता प्रो. माधव गोविन्द रहें।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और बुद्ध वंदना से हुई तथा तत्पश्चात् अतिथियों का स्मृति-चिन्ह और पुष्प-गुच्छ से स्वागत किया गया । इस अवसर पर प्रो. महेंद्र प्रताप राणा ने अपने संबोधन में डॉ. अम्बेडकर को भारतीय संविधान का शिल्पकार बताते हुए उनके विचारों को गहराई से समझने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि बुद्ध, कबीर और ज्योतिबा फुले के विचारों का अम्बेडकर के दर्शन पर गहरा प्रभाव पड़ा। साथ ही उन्होंने लोकतंत्र, समानता और व्यवहारिक शासन की प्रासंगिकता पर अपने विचार व्यक्त किए । प्रो. रवींद्र कुमार ने मानवाधिकार, सामाजिक असमानताओं और जाति उन्मूलन की अवधारणा पर विस्तार से चर्चा की।

गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में डिजिटल युग में अम्बेडकर की प्रासंगिकता को रेखांकित किया। मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता प्रो. माधव गोविंद ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए अम्बेडकर के समावेशी विकास के दृष्टिकोण पर चिंतन करने की आवश्यकता पर बल दिया। डॉ. अंबेडकर सेंटर फॉर द स्टडीज़ ऑफ ह्यूमन राइट्स के अध्यक्ष एवं कार्यक्रम के संयोजक डॉ. चंद्रभानु भरास ने अम्बेडकर की स्वतंत्रता एवं नागरिक अधिकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. अर्चिता सिंह एवं डॉ. बबली गौतम ने किया गया । यह कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. अंबेडकर सेंटर फॉर द स्टडीज़ ऑफ ह्यूमन राइट्स के अध्यक्ष डॉ. चंद्रभानु भरास के मार्गदर्शन में तथा राजनीति विज्ञान एवं अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग के समस्त संकाय सदस्यों के सहयोग से सम्पन्न हुआ । इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षण एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी व विद्यार्थी उपस्थित रहें ।

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