जीबीयू स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया ओरिएंटेशन
प्रो. राजीव वर्ष्णेय ने विद्यार्थियों से ऊंचे लक्ष्य निर्धारित कर समाज के लिए तकनीकी समाधान विकसित करने का किया आह्वान

ग्रेटर नोएडा:गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) के स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी द्वारा शुक्रवार को वर्ष 2026 में विभिन्न स्नातक एवं स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बायोटेक्नोलॉजी, फॉरेंसिक्स, आयुर्वेद बायोलॉजी सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, शोध गतिविधियों, करियर संभावनाओं तथा उद्यमिता के अवसरों से परिचित कराना था। विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी की डीन प्रो. एस. धनलक्ष्मी तथा विभागाध्यक्ष डॉ. रेखा पुरिया ने उन्हें जीबीयू परिसर में अपनी शैक्षणिक यात्रा की शुरुआत करने और भविष्य में एक सफल करियर के लिए स्वयं को तैयार करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए डीन ऐडमिक्स प्रो. राजीव वर्ष्णेय ने जीवन में ऊंचे लक्ष्य निर्धारित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब हम ऊंचा लक्ष्य निर्धारित करते हैं, तभी उसे प्राप्त करने के लिए आवश्यक प्रयास और दिशा तय कर पाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन के उदाहरणों के माध्यम से प्रेरित करते हुए कहा कि बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अर्जित ज्ञान का उपयोग समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप नवीन तकनीकी समाधान विकसित करने में किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम में स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी की शैक्षणिक एवं शोध उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला गया। वर्ष 2009 में स्थापना के बाद से स्कूल ने एक मजबूत शैक्षणिक परंपरा के साथ प्रभावशाली शोध वातावरण विकसित किया है। स्कूल को अब तक 12 करोड़ रुपये से अधिक की शोध निधि प्राप्त हो चुकी है, जो संस्थान की शोध क्षमता और वैज्ञानिक गतिविधियों का प्रमाण है। इसके अतिरिक्त, स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी, जीबीयू ने देश-विदेश के अनेक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ विभिन्न समझौता ज्ञापनों के माध्यम से शैक्षणिक एवं शोध सहयोग को भी मजबूत किया है।
कार्यक्रम में कॉर्पोरेट रिलेशंस सेल, जीबीयू के निदेशक डॉ. विनय कुमार लिटोरिया ने विद्यार्थियों को बायोटेक्नोलॉजी में स्नातक एवं स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त करने के बाद उपलब्ध विभिन्न करियर विकल्पों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बायोटेक्नोलॉजी के विद्यार्थियों के लिए शोध, उच्च शिक्षा, उद्योग, स्वास्थ्य, फार्मास्यूटिकल्स, जैविक विज्ञान तथा अन्य उभरते क्षेत्रों में रोजगार की व्यापक संभावनाएं हैं।
डॉ. लिटोरिया ने विद्यार्थियों को केवल नौकरी तक सीमित न रहने तथा बायोटेक्नोलॉजी एवं जैविक विज्ञान के क्षेत्र में उद्यमिता और स्टार्टअप की संभावनाओं को तलाशने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के नवाचार एवं स्टार्टअप विचारों को आगे बढ़ाने के लिए AIC-GBU इन्क्यूबेशन सेंटर के माध्यम से विभिन्न सुविधाएं एवं सहयोग उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को स्टार्टअप इंडिया तथा स्टार्ट इन यू पी जैसी सरकारी योजनाओं के माध्यम से उपलब्ध वित्तीय एवं संस्थागत सहायता के बारे में भी जानकारी दी।
कार्यक्रम का समन्वयन स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के संकाय सदस्यों डॉ. गुंजन गर्ग, डॉ. उपमा पाल एवं डॉ. एम. तश्फीन अशरफ द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय एवं स्कूल की शैक्षणिक गतिविधियों, शोध सुविधाओं, करियर विकास तथा उद्यमिता के अवसरों से अवगत कराया गया।
ओरिएंटेशन में नवप्रवेशित विद्यार्थियों को जीबीयू के अकादमिक एवं शोध वातावरण से परिचित कराने के साथ-साथ उन्हें बायोटेक्नोलॉजी के तेजी से विकसित होते क्षेत्र में नई संभावनाओं और चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।






