हिन्दू राष्ट्र की परिकल्पना क्यों – दिव्य अग्रवाल (लेखक व विचारक)

विचार:दशकों पूर्व इतिहास पर न जाते हुए मात्र 15 वर्ष पूर्व का समय यदि स्मरण किया जाए तो जो लोग आज लगभग 40 वर्ष की आयु सीमा पार कर चुके होंगे उन्हें भलीभांति ज्ञात होगा की वो लोग धार्मिक दृष्टिकोण से हिन्दू होने पर बहुत ही प्रताड़ित हुआ करते थे। उन्हें पता था की चाहे उनकी घर की महिला से अभद्र्ता हो जाए , चाहे किसी को रंगदारी देनी पड़े, चाहे जमींन व्यापार पर कब्ज़ा हो जाए या परिवार के किसी सदस्य की हत्या ही क्यों न हो जाय यदि यह सब कुकृत्य करने वाला अपराधी, जिहादी मानसिकता रखने वाला कोई मजहबी व्यक्ति है तो कोई भी तंत्र उस मजहबी अपराधी को दण्डित नहीं करेगा। इस प्रताड़ना को आज की तथाकथित उस GEN G ने नहीं झेला जो बाल्यावस्था से युवावस्था में इन्ही 15 वर्षो में परिवर्तित हुए हैं लेकिन यकीन मानिए यदि किसी भी कारण से आज से 15 वर्ष पूर्व वाली सत्त्ता पुनः आयी तो आज की धरना प्रदर्शन वाली GEN G अपने आप को स्वयं ही कोसेगी की आखिर वो विरुद्ध किसके खड़े थे।
आज की परिस्थिति को देखते हुए और छत्रपति शिवाजी महाराज के हिंदी स्वराज के स्वप्न को स्मरण कर कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ़ राजा भैया ने सार्वजनिक रूप से तीन मुख्य बाते कहीं की जो सनातनी, हिन्दू राष्ट्र की परिकल्पना करता है वो व्यक्ति निसंदेह शिवाजी महाराज की सेना या स्वराज्य का हिस्सा अवश्य रहा होगा, जो सनातन को समर्पित होगा उसके जीवन में निश्चित ही अप्रत्याशित चुनौतियाँ आएँगी और तृतीय अभी तो केवल हमने राम मंदिर बनते देखा है ज्ञानवापी काशी और मथुरा श्री कृष्ण जन्म भूमि को भी बनते हुए देखना है ।
बात बड़ी अजीब है पर सत्य है की हिन्दू राष्ट्र के बिना भारत का अस्तित्व बचेगा नहीं पर ये बात अधिकतर लोग स्वीकारना नहीं चाहते और जो कुछ लोग स्वीकारते भी हैं तो सार्वजानिक मंचो से हिन्दू राष्ट्र की बात कहते नहीं । यदि जनप्रतिनिधियो की बात करे तो प्रदेश के मुख्या योगी आदित्यनाथ जी के पश्चात कुंडा विधायक राजा भैया इस बात को बड़ी मुखरता के साथ विभिन्न मंचो से न केवल कह रहे हैं अपितु धर्म और राष्ट्र रक्षा हेतु हिन्दुओं से यह भी आव्हान कर रहे हैं की यदि शास्त्र और धर्म की रक्षा करनी है तो हिन्दुओ को संवैधानिक शस्त्र अवश्य रखने चाहिए और जातिगत भेद को मिटाकर सनातन धर्म और राष्ट्र को समर्पित होना चाहिए ।
बाकी समझ अपनी अपनी ……..






