जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल में (लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम) विषय पर हुआ ज्ञानवर्धक एवं जागरूकता कार्यशाला का आयोजन

ग्रेटर नोएडा:जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल, स्वर्ण नगरी, ग्रेटर नोएडा में शनिवार को POSH (कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न निवारण अधिनियम) एवं POCSO (लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम) विषय पर एक ज्ञानवर्धक एवं जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का संचालन अधिवक्ता अंजू कुमारी, प्रमाणित POSH एवं POCSO प्रशिक्षक द्वारा किया गया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यालय के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को कार्यस्थल पर सुरक्षित, सम्मानजनक, गरिमापूर्ण तथा समावेशी वातावरण के निर्माण के प्रति जागरूक एवं संवेदनशील बनाना था। इसके साथ ही बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी देना भी इस सत्र का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य रहा।
कार्यशाला के दौरान संसाधन विशेषज्ञ ने POSH अधिनियम, 2013 के प्रमुख प्रावधानों पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। उन्होंने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम, अनुचित व्यवहार की पहचान, पेशेवर मर्यादाओं का पालन तथा शिकायत दर्ज कराने की उचित प्रक्रिया के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि प्रत्येक कर्मचारी और संस्थान की यह सामूहिक जिम्मेदारी है कि कार्यस्थल को सुरक्षित एवं उत्पीड़न-मुक्त बनाया जाए।
POCSO अधिनियम, 2012 पर चर्चा करते हुए उन्होंने बच्चों को लैंगिक अपराधों से सुरक्षित रखने, अनुचित व्यवहार की पहचान करने, बच्चों के साथ संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी से व्यवहार करने तथा किसी भी संदिग्ध स्थिति में समय पर उचित कार्रवाई करने के महत्व को समझाया। साथ ही, बच्चों की सुरक्षा से संबंधित मामलों में गोपनीयता बनाए रखने एवं निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
सत्र के दौरान व्यावहारिक उदाहरणों एवं महत्वपूर्ण जानकारियों के माध्यम से प्रतिभागियों को अपनी व्यक्तिगत एवं संस्थागत जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया गया। इस कार्यशाला ने सभी को आपसी सम्मान, विश्वास, संवेदनशीलता और जवाबदेही की भावना को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया।
यह कार्यशाला सभी प्रतिभागियों के लिए एक सार्थक एवं ज्ञानवर्धक अनुभव सिद्ध हुई। इसने विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा, कर्मचारियों के कल्याण तथा एक स्वस्थ एवं सकारात्मक कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ किया।
कार्यशाला का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि विद्यालय का प्रत्येक सदस्य सुरक्षा, सम्मान, समानता एवं समावेशिता के मूल्यों को अपनाते हुए एक सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण शैक्षणिक वातावरण के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान देगा।






