नशा मुक्त युवा अभियान के अंतर्गत शारदा विश्वविद्यालय में कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन

ग्रेटर नोएडा: युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने तथा उन्हें स्वस्थ, सक्रिय एवं नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से शारदा विश्वविद्यालय के डीन स्टूडेंट वेलफेयर (DSW) के तत्वावधान में स्पोर्ट्स सोसाइटी एवं एनएसएस सेल द्वारा ‘नशा मुक्त युवा – कबड्डी मैच’ का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 100 सप्ताह के ‘नशा मुक्त युवा अभियान’ तथा उत्तर प्रदेश सरकार के ‘नशा मुक्त अभियान’ के अंतर्गत विश्वविद्यालय में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रहने, खेलों के प्रति रुचि विकसित करने तथा अनुशासन, टीम भावना और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व के प्रति जागरूक करना था। अभियान के तहत पारंपरिक भारतीय खेलों को बढ़ावा देने की पहल के अनुरूप कबड्डी प्रतियोगिता आयोजित की गई, ताकि युवा खेलों के माध्यम से सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ें और नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत संबोधन के साथ हुआ। इसके पश्चात शारदा विश्वविद्यालय की छात्राओं की टीम एवं संत किशोरी शरण विद्या मंदिर स्कूल के छात्राओं/छात्रों की टीम के बीच अंतर-संस्थागत कबड्डी मैच आयोजित किया गया। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने उत्साह, अनुशासन, खेल भावना और टीमवर्क का शानदार प्रदर्शन किया। इस मुकाबले ने विद्यार्थियों को पारंपरिक भारतीय खेलों से जुड़ने के साथ-साथ नशामुक्त जीवन का संदेश भी दिया।
कबड्डी प्रतियोगिता के बाद नशामुक्ति शपथ समारोह आयोजित किया गया। इसमें उपस्थित सभी विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से नशे से दूर रहने, दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने तथा नशामुक्त भारत के निर्माण में अपना योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय एवं स्कूल के विद्यार्थियों, एनएसएस स्वयंसेवकों, स्पोर्ट्स सोसाइटी के सदस्यों, संकाय सदस्यों, विश्वविद्यालय अधिकारियों तथा छात्र कल्याण प्रतिनिधियों सहित लगभग 250 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इनमें लगभग 150 छात्र एवं 100 छात्राएं शामिल थीं। किया। इस कबड्डी प्रतियोगिता में शारदा विश्वविद्यालय की छात्राओं की टीम एवं संत किशोरी शरण विद्या मंदिर स्कूल की छात्र टीम विजेता रहीं।
इस अवसर पर डीन स्टूडेंट वेलफेयर (DSW), डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं, बल्कि युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामूहिक सहयोग की भावना भी विकसित करते हैं। नशे जैसी सामाजिक बुराई से बचाव के लिए जागरूकता, सकारात्मक सोच और सामूहिक प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं। नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें स्वस्थ एवं जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही, विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों के बीच आपसी सहयोग, संवाद और खेल भावना को भी प्रोत्साहन मिला।
इस अवसर पर डॉ. रचना बंसल, डॉ. शांति नारायणन एवं श्री रिशांक अग्रवाल ने प्रतिभागियों को सम्मानित कर उनका उत्साह वर्धन किया गया।






