ग्रेटर नोएडा

गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कैंसर अनुसंधान सम्मेलन सीसीआई -2026 का समापन

देश-विदेश के वैज्ञानिकों ने साझा किए शोध एवं नवाचार

ग्रेटर नोएडा:गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू), ग्रेटर नोएडा के स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी द्वारा शिव नादर इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंस के सहयोग से आयोजित 21वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘इमर्जिंग फ्रंटियर्स इन कैंसर रिसर्च’ (सीसीआई -2026) का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। 29 से 31 अक्टूबर 2026 तक आयोजित इस तीन दिवसीय सम्मेलन में भारत सहित विभिन्न देशों के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं एवं शिक्षाविदों ने भाग लिया। सम्मेलन की थीम “मॉलिक्यूलर मैकेनिज्म्स टू पर्सनलाइज्ड ट्रीटमेंट्स” (आणविक तंत्र से व्यक्तिगत उपचार तक) रही।

तीन दिनों तक चले इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कैंसर अनुसंधान के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही नवीनतम प्रगति, आधुनिक उपचार पद्धतियों और व्यक्तिगत चिकित्सा की संभावनाओं पर व्यापक चर्चा हुई। सम्मेलन के दौरान कुल छह मुख्य व्याख्यानों के साथ लगभग 80 वैज्ञानिक व्याख्यान एवं शोध प्रस्तुतियां आयोजित की गईं। इन सत्रों ने कैंसर जीवविज्ञान, उपचार, निदान और आधुनिक चिकित्सा अनुसंधान से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचारों के आदान-प्रदान के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान किया।

सम्मेलन के अंतिम दिन दो प्रमुख व्याख्यान आयोजित किए गए। अमेरिका के क्लीवलैंड क्लिनिक रिसर्च से प्रो. जस्टिन लैथिया ने ‘ग्लियोब्लास्टोमा में प्रतिरक्षा प्रतिक्रियाओं पर जैविक लिंग की भूमिका’ विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। वहीं, बेंगलुरु स्थित जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च के प्रो. तपस कुमार कुंडू ने ‘मुख के कैंसर में एपिजेनेटिक नियमन तथा इसके निदान एवं उपचार में निहित संभावनाओं’ पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।

सम्मेलन के विभिन्न वैज्ञानिक सत्रों में कैंसर इम्यूनोथेरेपी, आणविक संकेत प्रणाली, ट्रांसक्रिप्टोमिक्स, नॉन-कोडिंग आरएनए, ऑटोफैजी, नैनोमेडिसिन, कैंसर निदान तथा उपचार के प्रति प्रतिरोधक क्षमता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर शोध प्रस्तुत किए गए। विशेषज्ञों ने कैंसर की जटिलताओं को समझने, उन्नत उपचार तकनीकों के विकास और मरीजों की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यक्तिगत चिकित्सा को प्रभावी बनाने में बहुविषयक अनुसंधान एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया।

सम्मेलन के समापन सत्र में सर्वश्रेष्ठ पोस्टर प्रस्तुतियों के विजेताओं को प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय की डॉ. गाथा ठक्कर को ‘प्रो. ए.आर. राव यंग फैकल्टी अवॉर्ड’ तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की डॉ. दीपाली मिश्रा को ‘प्रो. ए.आर. राव यंग रिसर्चर अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। सम्मेलन के दौरान युवा शोधकर्ताओं और अनुभवी वैज्ञानिकों को अपने अनुसंधान कार्य साझा करने, नए विचारों पर चर्चा करने तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध सहयोग को मजबूत करने का अवसर भी मिला।

यह सम्मेलन गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह के संरक्षण में आयोजित किया गया। इसके शैक्षणिक नेतृत्व की जिम्मेदारी डीन (एकेडमिक्स) प्रो. राजीव वरश्ने ने निभाई। सम्मेलन के संयोजक प्रो. एस. धनलक्ष्मी, डीन, स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय तथा प्रो. संजीव गलांडे, प्रो-वाइस चांसलर एवं डीन, स्कूल ऑफ नेचुरल साइंसेज, शिव नादर इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंस रहे। अंतरराष्ट्रीय संयोजक के रूप में प्रो. ध्यान चंद्र और प्रो. रेमंड बी. बिर्ग ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, डॉ. रेखा पुरिया (जीबीयू) और डॉ. आशीष गुप्ता (शिव नादर इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंस) सह-संयोजक रहे।

सीसीआई -2026 का सफल आयोजन कैंसर अनुसंधान के क्षेत्र में वैज्ञानिक उत्कृष्टता, नवाचार और वैश्विक सहयोग को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। सम्मेलन ने शोधकर्ताओं एवं वैज्ञानिकों को कैंसर के आणविक तंत्र को समझने से लेकर प्रभावी एवं व्यक्तिगत उपचार पद्धतियों के विकास तक नए अनुसंधान अवसरों और संभावनाओं पर विचार-विमर्श करने का अवसर प्रदान किया।

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