आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित हुआ नौ-कुण्डीय हवन

ग्रेटर नोएडा:सेंट जॉर्ज स्कूल, ग्राम पंचायतन (ग्रेटर नोएडा) का पावन प्रांगण उस समय दिव्य आभा से आलोकित हो उठा, जब वहाँ श्रद्धा, भक्ति और वैदिक परंपरा का अद्भुत संगम “नौ-कुण्डीय हवन” के रूप में साकार हुआ। यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना, सकारात्मक ऊर्जा और संस्कारों के पुनर्जागरण का एक सशक्त माध्यम बन गया।
शांतिकुंज, हरिद्वार के आचार्यों के सान्निध्य में विधिपूर्वक सम्पन्न इस महायज्ञ ने वातावरण को मंत्रमुग्ध कर दिया। वैदिक मंत्रों की गूंज और यज्ञाग्नि में अर्पित होती पवित्र आहुतियाँ मानो सम्पूर्ण परिसर को पवित्रता, शांति और दिव्यता से अभिषिक्त कर रही थीं।
इस भव्य आयोजन की सफलता के पीछे सेंट जॉर्ज परिवार का समर्पण और सेवा-भाव स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ। विद्यालय के प्रधानाचार्या डॉ. रजनीश सेठी ने अपने स्नेहपूर्ण शब्दों से अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि “ऐसे आध्यात्मिक आयोजन विद्यार्थियों के भीतर संस्कार, अनुशासन और सकारात्मक सोच का विकास करते हैं।”
इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक श्री राजा रमन खन्ना ने अपने उद्बोधन में कहा कि “यज्ञ केवल एक धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि यह वातावरण शुद्धि और मानव जीवन को संतुलित एवं ऊर्जावान बनाने का वैज्ञानिक माध्यम है।”
डॉ. छैलेश चंद ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि “ऐसे आयोजन हमें हमारी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ते हैं तथा नई पीढ़ी में नैतिक मूल्यों का संचार करते हैं।”
श्री सचिन सिंह ने कहा कि “विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कारों की पाठशाला भी है और ऐसे कार्यक्रम इस उद्देश्य को सार्थक बनाते हैं।”
मैनेजिंग डायरेक्टर श्री क्षितिज खन्ना ने अपने वक्तव्य में कहा कि “हमारा प्रयास सदैव यही रहेगा कि विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता से भी जोड़ा जाए।”
हवन में सम्मिलित अभिभावकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने पूरे श्रद्धा-भाव से आहुति अर्पित कर इस अनुष्ठान को एक जन-आस्था का स्वरूप प्रदान किया। उनकी सहभागिता ने यह सिद्ध कर दिया कि जब समाज एक साथ आध्यात्मिक पथ पर अग्रसर होता है, तो सकारात्मकता का संचार स्वतः ही होने लगता है।
अंततः, समस्त मानवता के कल्याण, सुख-समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाओं के साथ यह पावन आयोजन पूर्ण हुआ। यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक ऐसा अनुभव बन गया, जिसने सभी के हृदयों में आध्यात्मिक चेतना की ज्योति प्रज्वलित कर दी।
रिपोर्ट -घनश्याम पाल






