उत्तर प्रदेश

श्री दीप साहित्यिक संस्थान का वार्षिकोत्सव एव पुस्तक विमोचन समारोह सम्पन्न

शताधिक साहित्य विभूतियों को अंगवस्त्र व प्रतीक चिन्ह सहित किया गया सम्मानित 

गोरखपुर :स्थानीय प्रेस क्लब शास्त्री चौक पर श्री दीप साहित्यिक सेवा संस्थान के वार्षिकोत्सव एव चंद्रप्रकाश गुप्त अकिंचन जी कि पुस्तक लोक नाट्य शैली नौटंकी एवं पंडित दानिका प्रसाद इंजीनियर की पुस्तक विश्वकर्मा दर्शन व दिनेश गोरखपुरी द्वारा रचित प्रभु कर्मवान चालीसा के साथ साथ वार्षिकोत्सव स्मारिका विमोचन कार्यक्रम का आयोजन डॉ आद्या प्रसाद द्विवेदी पूर्व आचार्य सतीश चन्द्र स्नातकोत्तर विद्यालय बलिया की अध्यक्षता व डॉ अनिल राय पूर्व विभागाध्य हिंदी विभाग गोरखपुर विश्वविद्यालय , मुख्य आतिथ्य डॉ सुधाकर तिवारी पूर्व प्राचार्य राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ओबरा , सारस्वत अतिथित्व ओम प्रकाश द्विवेदी पूर्व प्राचार्य उदित नारायण इंटर कालेज , डॉ राकेश श्रीवास्तव प्रख्यात अंतराष्ट्रीय भोजपुरी गायक ,धार्मिक दर्शन के ज्ञाता जयराम शर्मा, डॉ प्रतिभा गुप्ता निदेशक सर्वांग हॉस्पिटल के विशिष्ट अतिथित्व में संपन्न हुआ । 

कार्यक्रम का शुभारंभ गणमान्य अतिथियों के मंचासिन के साथ मां सरस्वती के पुष्पार्चन एव दीप प्रज्वलन से शुरू हुआ ‌। कार्यक्रम में सभी अतिथियों का स्वागत देवरिया की विदुषी एव प्रख्यात कवित्री वंदना मिश्र द्वारा अक्षत रोली व तिलक लगाकर किया गया एवं गोरखपुर की मशहूर कवित्री प्रेम लता रसबिंदु द्वारा गणमान्य अतिथियों को बैज लगाकार स्वागत किया गया ।

श्री दीप साहित्यिक सेवा संस्थान के मुख्य ट्रस्टी दिनेश गोरखपुरी एव संरक्षक नंदलाल मणि त्रिपाठी पीतांबर द्वारा गणमान्य अतिथियों का मल्यार्पण अंग वस्त्र स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में साहित्य, संस्कृति और रचनात्मक अभिव्यक्ति के विविध आयामों पर गहन विचार-विमर्श हुआ तथा अनेक साहित्यिक विभूतियों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए स्मृतिचिन्ह, शॉल एवं सम्मान पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो.आद्या प्रसाद द्विवेदी कर रहे वरिष्ठ साहित्यकार ने अपने उद्बोधन में कहा कि साहित्य समाज का दर्पण ही नहीं, बल्कि उसके मार्गदर्शन का सशक्त माध्यम भी है। उन्होंने संस्थान के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने का कार्य करते हैं।

मुख्य अतिथि डाॅ.अनिल राय ने अपने संबोधन में साहित्य की वर्तमान भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के दौर में साहित्यकारों की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि शब्दों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है और यह कार्य साहित्यकार ही बखूबी कर सकते हैं।

विशिष्ट अतिथि डा.सुधाकर तिवारी ने कहा कि साहित्य केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन का आधार है। उन्होंने संस्थान द्वारा किए जा रहे सतत प्रयासों को सराहनीय बताते हुए भविष्य में और अधिक व्यापक आयोजनों की अपेक्षा व्यक्त की। विशिष्ट अतिथि के रुप में अन्नतकीर्ति तिवारी ने कहा कि कहा कि साहित्य केवल शब्दों का संयोजन नहीं, बल्कि समाज का दर्पण और मानवीय संवेदनाओं का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि साहित्य के माध्यम से व्यक्ति अपने विचारों को अभिव्यक्त करते हुए समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।कार्यक्रम को सारस्वत अतिथि के रुप में ओम प्रकाश द्विवेदी ओम,जय राम शर्मा, डॉ राकेश श्रीवास्तव, डाॅ.शिवेश्वर दत्त पाण्डेय, डाॅ.प्रतिमा गुप्ता ने भी सम्बोधित किया।कार्यक्रम का संचालन अमिताभ पाण्डेय ने किया तथा नन्द लाल मणि त्रिपाठी ने आभार व्यक्त कीया।

इस अवसर पर आयोजित पुस्तक विमोचन सत्र में चंद्र प्रकाश गुप्त अकिंचन की पुस्तक नौटंकी और इंजीनियर दानिका प्रसाद की पुस्तक विश्वकर्मा दर्शन दिनेश गोरखपुरी की पुस्तक कर्मवान चालीसा तथा वार्षिकोत्सव विशेषांक का लोकार्पण किया गया। जिसे उपस्थित साहित्यकारों ने सराहा। वक्ताओं ने पुस्तकों की विषयवस्तु, भाषा-शैली और समसामयिक प्रासंगिकता पर अपने विचार साझा किए।

इस अवसर पर अनीता पाल, ईश्वरचंद विद्यावाचस्पति जी ,सूरज कुंवर ‘ सरस ‘ जी ,राजेंद्र बहादुर सिंह ‘हंस’, जी,प्रेमचंद निगम जी,हलीम मेंहदावली जी,CL वर्मा रहबर मेंहदावली जी, राजेश मृदुल आदि साथ साहित्यकारों को आदित्य सम्मान, महिला साहित्यकारों श्रीमती वंदना मिश्र,शशि पाण्डेय,वंदना सूर्यवंशी ,प्रेम लता राबिन्दु,,पार्वती ,डॉ रीना मिश्रा,आदि को नारी गौरव सम्मान,भोजपुरी साहित्यकारों भीम प्रजापति, जनार्दन सिंह, राम समूझ सांवरा, कुमार अभिनीत आदि को जुगानी भाई सम्मान एवं 10 साहित्यकारों को दीप साहित्य सम्मान, तथा दिव्य गंगा सेवा मिशन की ओर से 20 साहित्यकारों को गंगा सेवी सम्मान से सम्मानित किया गया साथ ही साथ 60 साहित्यकारों को श्री देव दीप साहित्यिक सेवा संस्थान द्वारा सहभागिता सम्मान से सम्मानित किया गया।।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!