मेला मैदान की चारदीवारी का निर्माण कार्य प्रगति पर,श्रृद्धालुओं दे रहे दिल खोलकर दान
धार्मिक आयोजनों के लिए संरक्षित है मैदान नागेश्वर मंदिर की है मिल्कियत

औरंगाबाद( बुलंदशहर) बूढ़े बाबू मेला मैदान के रूप में जाने जाने वाले नागेश्वर मंदिर के स्वामित्व वाले मैदान की चारदीवारी निर्माण कार्य पूरे जोर शोर से चल रहा है। चारदीवारी बनने से जहां मैदान की खूबसूरती और उपयोगिता में खासी वृद्धि होगी वहीं सार्वजनिक भूमि संपत्तियों पर अतिक्रमण कर अवैध कब्जे करने वालों को भी मूंह की खानी पड़ेगी क्योंकि चारदीवारी बनने से वहां अवैध कब्जे तो दूर परिंदा भी पर नहीं मार सकेगा।
सरकारी अभिलेखों में नागेश्वर मंदिर के समीप बाईस बीधा जमीन बूढ़े बाबू मेला मैदान के रूप में दर्ज थी। इस मैदान पर बूढ़े बाबू का मेला, शिव कांवड़ मेला, रामलीला आयोजन,श्याम संकीर्तन ,धार्मिक मेले आयोजन आदि संपन्न होते आए हैं। इसी मैदान के समीप तालाब भी है। लेकिन नगर पंचायत के भृष्टाचारी सर्वेसर्वाओं , हिंदू समाज के स्वयंभू ठेकेदारों और राजस्व विभाग के भृष्ट अधिकारी कर्मचारियों की सांठगांठ से अवैध कब्जे दारों ने उक्त भूमि के अधिकांश भाग पर कब्जा कर इसे लगभग सात बीधा से भी कम भूमि तक सीमित कर दिया था। कुछ समाजसेवियों और मंदिर के सेवादारों ने मिलकर इस बची भूमि को संरक्षित करने की गरज से अवशेष भूमि की चारदीवारी कराकर उपयोगी बनाने की मुहिम शुरू की। कस्बे और आसपास के संपन्न श्रृद्धालुओं ने मुहिम को आगे बढ़ाने में भरपूर सहयोग की पेशकश कर निर्माण कार्य शुरू करने में खासा सहयोग किया। इस निर्माण कार्य की खास बात यह रही कि सभी श्रृद्धालुओं ने आपसी मतभेदों को भुलाकर एकजुट होकर काम शुरू कराया।

युवा श्रृद्धालुओं द्वारा समर्पित भाव से नियमित कारसेवा भी निर्माण स्थल पर जोर शोर और उत्साह के साथ की जा रही है।
नागेश्वर मंदिर कमेटी के पूर्व अध्यक्ष राजीव कौशल सर्राफ, वर्तमान सेवादारों कैलाश कुमार अग्रवाल नितिन सिंघल दीपक अग्रवाल दीनू रामलीला कमेटी अध्यक्ष योगेश कुमार अग्रवाल ध्रुव कुमार सिंघल,रामू सर्राफ, बौबी शर्मा, मोहित कुमार अग्रवाल मिक्की, संजय वर्मा,टीटू सर्राफ,विजय कुमार गुप्ता मूढ़ी वाले, नवनीत गुप्ता, मनोज गर्ग नवीन गोयल,सहित तमाम श्रृद्धालुओं के भरपूर सहयोग और समर्पण भाव से निर्माण कार्य जोर शोर से जारी है।
रिपोर्टर राजेंद्र अग्रवाल






