दनकौर

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान दनकौर में माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों के लिए हुआ “मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण” विषय पर तीन दिवसीय आवश्यकता आधारित प्रशिक्षण का आयोजन

तीन दिवसीय आवश्यकता आधारित प्रशिक्षण (मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण) के हुआ सफल संचालन

दनकौर:जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान दनकौर, गौतमबुद्ध नगर में माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों के लिए “मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण” विषय पर तीन दिवसीय आवश्यकताआधारित प्रशिक्षण का आयोजन निर्धारित समय-सारणी के अनुसार सफलतापूर्वक किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, उनकी पहचान एवं निराकरण, किशोरावस्था की समझ एवं विशेषताओं, किशोरावस्था की प्रमुख समस्याओं एवं समाधान, अध्यापकों के स्व-विकास, पोषण एवं स्वास्थ्य, Resilience एवं Stress Management, सक्रिय श्रवण, चेयर योग एवं माइंडफुलनेस, Digital Well-being एवं Cyber Bullying तथा Referral & Support System के संबंध में सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई।

प्रशिक्षण को सहभागी एवं गतिविधि-आधारित बनाने हेतु Role Play, समूह चर्चा, अनुभव-साझाकरण, प्रश्नोत्तर, Action Planning एवं Reflection जैसी गतिविधियाँ कराई गईं। साथ ही प्रतिभागियों को विद्यालय स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण हेतु Whole School Plan तैयार करने के लिए भी प्रेरित एवं मार्गदर्शित किया गया।

प्रशिक्षण के प्रारम्भ में Pre-test तथा समापन पर Post-test एवं Evaluation कराया गया, जिसके माध्यम से प्रतिभागियों की अधिगम प्रगति एवं प्रशिक्षण के प्रति उनकी प्रतिक्रिया का आकलन किया गया। प्रशिक्षण के अंतिम सत्र में प्रतिभागियों द्वारा अपने अनुभव एवं प्रतिबद्धताएँ साझा की गईं तथा उन्हें प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।

प्रशिक्षण में विभिन्न सत्रों का संचालन डा. आनंद प्रताप सिंह, वेद प्रकाश मौर्य, नियाज वारिस वारसी, अर्चना पाण्डेय, नीता सिंह एवं अन्य संदर्भदाताओं द्वारा किया गया। सभी संदर्भदाताओं द्वारा विषयानुकूल प्रस्तुतीकरण एवं सहभागी गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षण को प्रभावी बनाया गया।

वरिष्ठ प्रवक्ता श्री अनिल कुमार द्वारा प्रेरित करते हुए शिक्षकों को बताया गया की प्रशिक्षण का वास्तविक उद्देश्य तब पूरा होगा जब हम बच्चों की समस्याओं को समझकर उन्हें हार्दिक संभव सहयोग प्रदान कर सकें l

डायट प्राचार्या श्रीमती अर्चना गुप्ता द्वारा सभी को मार्ग दर्शित करते हुए अपने सन्देश में कहा गया कि आज के समय में हार्दिक किसी के लिए चाहे शिक्षक हो या अभिभावक और चाहे बच्चों हो मानसिक स्वास्थ्य सुविधाए एवं सहयोग प्राप्त करना उनका मूल अधिकार बन गया हैं सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों आपने एवं अपने आस पास के लोगों के मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए तथा मानसिक समस्याओं के प्रति जागरूक रहते हुए उनका पहचान एवं उपचार कराना चाहिए l

 

 

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