दनकौर

शहीद दरियाव सिंह नागर की स्मृति में होने वाले कुश्ती दंगल का मुख्यमंत्री को दिया निमंत्रण

मुख्यमंत्री के समयानुसार नवंबर में दंगल होने की उम्मीद, क्षेत्र में खुशी की लहर

बिलासपुर : दनकौर क्षेत्र में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महान स्वतंत्रता सेनानी शहीद दरियाव सिंह नागर की स्मृति में आयोजित होने वाले भव्य कुश्ती दंगल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आमंत्रित किया गया। सोमवार को ग्रेटर नोएडा स्थित गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित ‘प्रेरणा विमर्श-2026 : उत्कर्ष नारी सम्मान, युवा स्वाभिमान’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने उनसे मुलाकात कर निमंत्रण पत्र सौंपा।

इस दौरान क्षेत्रीय विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह के आशीर्वाद से मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। आयोजन समिति के अध्यक्ष जयवीर पहलवान तथा पूर्व जिला अध्यक्ष हिंदू युवा वाहिनी गौतमबुद्धनगर चैनपाल प्रधान समेत अन्य लोगों ने मुख्यमंत्री को शहीद दरियाव सिंह नागर की स्मृति में आयोजित होने वाले कुश्ती दंगल में शामिल होने का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने निमंत्रण पत्र स्वीकार करते हुए कार्यक्रम में आने के संबंध में सहमति जताई और कहा कि कार्यक्रम की तिथि एवं समय के अनुसार उनकी उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीद दरियाव सिंह नागर के बलिदान को स्मरण करते हुए कहा कि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में विदेशी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष करने वाले वीर सपूतों का बलिदान देश की अमूल्य धरोहर है। ऐसे महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग और बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले राष्ट्रनायकों की स्मृतियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समाज की जिम्मेदारी है।

आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि दनकौर में आयोजित होने वाले कुश्ती दंगल का उद्देश्य शहीद दरियाव सिंह नागर के बलिदान को याद करना तथा युवाओं को उनके जीवन और देशभक्ति से प्रेरणा देना है। दंगल में क्षेत्र और आसपास के विभिन्न स्थानों से नामी पहलवानों के पहुंचने की संभावना है। कार्यक्रम को भव्य रूप देने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

इस मौके पर चैनपाल प्रधान, आजाद खटाना, मोहित दक्ष, बोबू पहलवान, जितेंद्र नागर, तरुण भाटी, योगराज सिंह हिंदू सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

1857 की क्रांति के वीर योद्धा थे शहीद दरियाव सिंह नागर

अंग्रेजों के खिलाफ ग्रामीणों को किया एकजुट, सिकंदराबाद तहसील पर बोला धावा

1857 की क्रांति में दनकौर क्षेत्र के जुनेदपुर गांव निवासी शहीद दरियाव सिंह नागर ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ अदम्य साहस का परिचय दिया था। उन्होंने आसपास के ग्रामीणों को एकजुट कर अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा संभाला और कई दिनों तक अंग्रेजी सेना से संघर्ष किया। उनके नेतृत्व में क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी हुकूमत को क्षेत्र में कड़ी चुनौती दी थी।

बताया जाता है कि 12 मई 1857 को दरियाव सिंह नागर के नेतृत्व में क्रांतिकारियों ने सिकंदराबाद तहसील पर धावा बोल दिया था। क्रांतिकारियों ने वहां से हथियार और सरकारी खजाना अपने कब्जे में ले लिया। इसकी सूचना मिलते ही बुलंदशहर से अंग्रेजी सेना सिकंदराबाद पहुंची। क्रांतिकारियों और अंग्रेज सैनिकों के बीच भीषण संघर्ष हुआ, जिसमें अंग्रेजी सेना को काफी नुकसान उठाना पड़ा।

दरियाव सिंह नागर के नेतृत्व में ग्रामीण क्रांतिकारियों के बढ़ते प्रभाव से अंग्रेजी हुकूमत में भय का माहौल था। क्षेत्र के लोगों के अनुसार अंग्रेज ग्रामीण इलाकों में गश्त करने से भी कतराते थे। जुनेदपुर और आसपास के क्षेत्र में आज भी 1857 के दौर से जुड़ी अंग्रेजों की कोठियों और किलों का उल्लेख मिलता है।

1857 की क्रांति के दौरान दादरी क्षेत्र में भी क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी सेना का रास्ता रोकने के लिए मोर्चा संभाला था। क्षेत्रीय इतिहास के अनुसार अंग्रेज सैनिकों को बंदी बनाया गया और उनसे खेतों में बैलों की जगह हल चलवाया गया। यह घटना अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ क्रांतिकारियों के साहस और विद्रोही तेवर का प्रतीक मानी जाती है।

दरियाव सिंह नागर और उनके साथियों ने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष करते हुए ग्रामीणों में देशभक्ति की भावना जगाई और बड़ी संख्या में लोगों को क्रांति से जोड़ा। हालांकि अंग्रेजी सेना ने बाद में अभियान चलाकर अनेक क्रांतिकारियों को गिरफ्तार कर लिया।

अंग्रेजों ने दरियाव सिंह नागर समेत कई क्रांतिकारियों को बंदी बना लिया। 14 मई 1857 को बुलंदशहर के कालेआम पर दरियाव सिंह नागर को फांसी दे दी गई। उनके साथ अन्य क्रांतिकारियों को भी अंग्रेजी हुकूमत ने कठोर सजा दी। देश की आजादी के लिए प्राणों का बलिदान देने वाले दरियाव सिंह नागर की स्मृति आज भी क्षेत्र के लोगों के लिए गौरव का विषय है।

वर्तमान में उनके नाम से चौक और सड़क का नामकरण किया गया है। उनकी स्मृति में प्रतिवर्ष शहीदी दिवस के अवसर पर कार्यक्रम और कुश्ती दंगल का आयोजन भी किया जाता है।

शहीद गुर्जर दरियाव सिंह नागर सेवा समिति के सदस्य मास्टर दिनेश नागर ने बताया कि दरियाव सिंह नागर 1857 की क्रांति के अग्रणी योद्धाओं में शामिल थे। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष करते हुए देश की आजादी के लिए अपना बलिदान दिया। उनके साहस, त्याग और देशभक्ति को क्षेत्र की नई पीढ़ी तक पहुंचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

रिपोर्टर घनश्याम पाल

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