मिशन शक्ति 6.0 में डॉ. भगवत प्रसाद शर्मा की काव्यवाणी ने बाँधा समाँ, मातृशक्ति के सम्मान में गूँजी ओजस्वी कविता
‘नारी शक्ति : सृजन, संस्कार और सामर्थ्य की सनातन ज्योति’ काव्य रचना में भारतीय संस्कृति एवं नारी महिमा का भावपूर्ण चित्रण

ग्रेटर नोएडा: पुलिस कमिश्नरेट गौतम बुद्ध नगर एवं जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (आईबीए), गौतम बुद्ध नगर तथा एनआईईटी, ग्रेटर नोएडा के संयुक्त तत्त्वावधान में ‘मिशन शक्ति 6.0’ के अंतर्गत महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव एवं यातायात जागरूकता विषय पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विद्यार्थियों, शिक्षाविदों, उद्यमियों एवं गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता एडीसीपी (महिला सुरक्षा एवं यातायात) श्रीमती मनीषा सिंह, आईपीएस ने महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम, डिजिटल सतर्कता एवं यातायात नियमों के अनुपालन पर महत्त्वपूर्ण जानकारी देते हुए कहा कि जागरूकता और सतर्कता ही सुरक्षित समाज की आधारशिला हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्रीमती प्रेरणा सिंह, आईएएस ने विद्यार्थियों एवं महिलाओं को शिक्षा, आत्मविश्वास, अनुशासन और परिश्रम के बल पर उत्कृष्ट लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
आईबीए अध्यक्ष श्री अमित कुमार उपाध्याय ने कहा कि महिला सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन संपूर्ण समाज का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने औद्योगिक प्रतिष्ठानों में महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्यपरिवेश सुनिश्चित करने पर बल दिया। एनआईईटी की अतिरिक्त प्रबंध निदेशक श्रीमती नीमा अग्रवाल ने विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, सामाजिक संवेदनशीलता एवं नागरिक उत्तरदायित्व विकसित करने की आवश्यकता बताई।
डॉ. भगवत प्रसाद शर्मा की काव्यवाणी ने किया मंत्रमुग्ध
कार्यक्रम का विशेष साहित्यिक आकर्षण सुप्रसिद्ध साहित्यकार, कवि, लेखक एवं पत्रकार पंडित डॉ. भगवत प्रसाद शर्मा की भावपूर्ण एवं ओजस्वी काव्य प्रस्तुति रही। उन्होंने मातृशक्ति के सम्मान में अपनी विशिष्ट रचना ‘नारी शक्ति : सृजन, संस्कार और सामर्थ्य की सनातन ज्योति’ का प्रभावशाली काव्य-पाठ किया। उनकी कविता में नारी के त्याग, समर्पण, प्रेम, धैर्य, आत्मबल, पारिवारिक संस्कार और राष्ट्र निर्माण में उसके महत्त्वपूर्ण योगदान का सुंदर चित्रण हुआ।
कविता की पंक्तियाँ—
“मृतक पति सत्यवान के, लौटा लायी प्राण।
गृह लक्ष्मी तुमको कहें, है सामर्थ्य महान।”
सावित्री के अदम्य संकल्प, निष्ठा और असाधारण इच्छाशक्ति को अभिव्यक्त करती हैं। कवि ने इस पौराणिक प्रसंग के माध्यम से नारी के आत्मबल और विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष करने की क्षमता को रेखांकित किया।
इसी क्रम में उनकी पंक्तियाँ—
“करती हो मंगलचार तुम्हीं, बिगड़ा घर तुम्हीं बनाती हो।
है अकथनीय गाथा तुम्हरी, तुम देश की ज्योति जगाती हो।”
नारी की पारिवारिक एवं सामाजिक भूमिका को व्यापक राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य प्रदान करती हैं। कवि ने नारी को परिवार में संस्कार, प्रेम और सद्भाव की संवाहिका तथा राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना को प्रकाशित करने वाली शक्ति के रूप में प्रस्तुत किया।
रचना में सीता, सावित्री, राधा, रुक्मिणी, दमयंती, तारावती, उमा, रमा, ब्रह्माणी, जानकी और नवदुर्गा जैसे पौराणिक स्वरूपों का उल्लेख करते हुए नारी के विविध गुणों को रेखांकित किया गया। इन चरित्रों के माध्यम से नारी की करुणा, त्याग, बुद्धिमत्ता, धर्मनिष्ठा, प्रेम, धैर्य और शक्ति का प्रभावशाली समन्वय दिखाई देता है। कविता का मूल संदेश है कि नारी केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं, बल्कि संस्कारित समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण की अनिवार्य शक्ति भी है।
डॉ. शर्मा की अलंकारपूर्ण भाषा, भावप्रवण अभिव्यक्ति और ओजस्वी वाणी ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। उनकी प्रस्तुति के दौरान एनआईईटी परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा। उपस्थित अतिथियों एवं विद्यार्थियों ने उनकी काव्य प्रतिभा की सराहना की। उनकी रचना ने मिशन शक्ति के मूल उद्देश्य महिला सम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण को साहित्यिक अभिव्यक्ति के माध्यम से प्रभावशाली सामाजिक संदेश प्रदान किया।
इससे पूर्व एनआईईटी के निदेशक डॉ. विनोद कुमार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए सामाजिक जागरूकता में शिक्षण संस्थानों की भूमिका रेखांकित की। कार्यक्रम में आईबीए एवं एनआईईटी के पदाधिकारी, संकाय सदस्य, उद्यमी, मीडिया प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
अंत में एनआईईटी के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. नरेश कुमार ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन महिला सम्मान एवं सुरक्षा, साइबर सतर्कता तथा यातायात नियमों के पालन की सामूहिक शपथ के साथ हुआ।






