बुलन्दशहर

बूढ़े बाबू मेला मैदान की चारदीवारी पर उठे विवाद का उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में सर्वे सम्मति से हुआ निस्तारण 

बाउंडृी वाल का काम पूर्ववत जारी रहेगा, हिंदू समाज में दौड़ी खुशी की लहर 

औरंगाबाद (बुलंदशहर)नागेश्वर मंदिर के समीप बूढ़े बाबू मेला मैदान पर बाउंड्री वॉल निर्माण पर उठे सवालों और नगर पंचायत के ई ओ द्वारा दिए गए काम रोकने के नोटिस से उत्पन्न विवाद का पुलिस, प्रशासन के उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में सर्वसम्मति से निपटारा हो जाने से संभावित बबाल टल गया। बाउंड्री वॉल निर्माण कार्य जारी रहने और बाउंड्री वॉल के समीप आवागमन के लिए गेट लगाने और गेट मंदिर कमेटी की सहमति से धार्मिक आयोजनों के लिए इस्तेमाल किए जाने का निर्णय सर्वे सम्मति से लिया गया।

कस्बे में नागेश्वर मंदिर के निकट बूढ़े बाबू मेला मैदान पर बाउंड्री वॉल का निर्माण लगभग एक पखवाड़े से चल रहा था। इस मैदान पर रामलीला आयोजन, विभिन्न धार्मिक मेले आयोजित किए जाते रहे हैं। भूमि का स्वामित्व नागेश्वर मंदिर कमेटी के पास रहता आया है अभिलेखों में भी यह स्थल धार्मिक आयोजनों के लिए निर्धारित किया हुआ है।

एक गुट ने भूमि का स्वामित्व नगर पंचायत का बताते हुए इस भूमि पर बच्चों का अंतिम संस्कार स्थल धोबी घाट और तालाब आदि बताया। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी सेवा राम राजभर ने मंदिर के तीन सेवादारों को नोटिस जारी कर काम रोकने, बाउंड्री वॉल निर्माण कार्य को गैर कानूनी बताया और काम नहीं रोकने पर बुलडोजर चलवाकर ध्वस्त कराये जाने की चेतावनी दी। धार्मिक मामले में नगर पंचायत की अनावश्यक दखलंदाजी से हिंदू समाज के लोगों में गहरा रोष व्याप्त हो गया और अनेक लोगों ने नगर पंचायत कार्यालय पर जाकर बताया कि बाउंड्री वॉल निर्माण नगर पंचायत की भूमि पर नहीं बल्कि नागेश्वर मंदिर की भूमि पर ही किया जा रहा है। नगर पंचायत में हिम्मत है तो उन अवैध कब्जे दारों से जिन्होंने कस्बे की अधिकांश सरकारी जमीनों पर अपनी दबंगई और राजनीतिक रसूख के चलते अवैध कब्जे कर रखे हैं अपनी जमीन खाली करा ले। मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया गया तो जिलाधिकारी के निर्देश पर नायब तहसीलदार औरंगाबाद ललित नारायण प्रशांत, लेखपाल नरेश कुमार और सुशील कुमार सोमवार को मौके पर पहुंचे। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी सेवा राम राजभर व नगर पंचायत की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। थाना पुलिस को भी मौके पर बुलाकर दोनों पक्षों को अपना अपना पक्ष रखने को कहा गया। दोनों पक्षों को सुनकर नायब तहसीलदार ने सर्वसम्मति से मामले का हल ढूंढ़ने व निपटारा करने का आग्रह किया। सर्वे सम्मति से बाउंड्री वॉल निर्माण कार्य जारी रहने, बाउंड्री वॉल के समीप एक गेट लगाने और गेट पर मंदिर कमेटी की सहमति से धार्मिक आयोजनों पर इस्तेमाल किए जाने का निर्णय लिया गया।

गाटा संख्या 1147,1148 की पैमाइश शीध्र कराकर मंदिर की भूमि मंदिर कमेटी को सौंप दिये जाने का भी उच्चाधिकारियों ने आश्वासन दिया।

मामले का सौहार्द पूर्ण तरीके से निपटारा हो जाने से सभी ने राहत की सांस ली।

इस अवसर पर नागेश्वर मंदिर कमेटी के सेवादार कैलाश कुमार अग्रवाल रामलीला कमेटी अध्यक्ष योगेश कुमार अग्रवाल मंदिर महंत आचार्य कुलदीप शास्त्री युपी इंडस्ट्रीज चेयरमैन तरसेम गुर्जर, पूर्व सभासद बौबी गूर्जर, सहकारी संघ चेयरमैन पप्पी गूर्जर,बौबी शर्मा, राजीव कौशल, नितिन सिंघल,अंकुर अग्रवाल एडवोकेट,हेमंत गुप्ता, शिवम् गर्ग मनोज गर्ग नवीन गोयल अजीत चावला रुपेंद्र चावला रामदास सैनी प्रेम सैनी प्रदीप लोधी एडवोकेट रजत गर्ग मोहित अग्रवाल मिक्की राजकुमार कटारिया सचिन वर्मा श्रषि पाल भड़ाना शिवकुमार गुप्ता टीटू सर्राफ रविन्द्र सैनी बनवारी लाल वैद्य,पवन शर्मा वरिष्ठ उप निरीक्षक नरेश कुमार कस्बा चौकी इंचार्ज सौबरन सिंह, नगर पंचायत के विजय सिंह,आफाक खां, आदि सैकड़ों लोग मौजूद रहे। मामले का सौहार्द पूर्ण तरीके से निपटारा हो जाने से हिंदू समाज में हर्ष और संतोष व्याप्त है।

रिपोर्टर राजेंद्र अग्रवाल

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