विचार

योगी जी महाराज ने क्यों कहा खर दूषण हो तो शस्त्र उठाना आवश्यक है – दिव्य अग्रवाल (सनातनी विचारक व लेखक)

विचार:बिजनौर में आयोजित सभा में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी महाराज ने मंच से सार्वजनिक रूप से स्पष्ट संदेश दिया की अहिंसा और करुणा मानवता के आभूषण हैं लेकिन सामने यदि खर दूषण जैसे राक्षसी प्रवृत्ति के दानव हों तो रक्षा हेतु शस्त्र उठाना और हिंसा करना भी आवश्यक है । भारत के इतिहास में किसी भी मुख्यमंत्री ने इतने स्पष्ट शब्दों में सभ्य समाज को संदेश नहीं दिया होगा लेकिन आखिर किया भी क्या जाए हिन्दू समाज मित्रता और करुणा का भाव जिस मजहबी समाज के प्रति रखता है वही मजहबी समाज मौलानाओं द्वारा आसमानी किताब की शिक्षा पाकर हिन्दुओं की निर्मम हत्या कर देता है । जब मजहबी शिक्षा किसी व्यक्ति को बचपन से यही सिखाती है की जब तक तुम किसी काफिर / गैर इस्लामिक व्यक्ति के साथ कुकृत्य नहीं करोगे तब तक तुम्हे जन्नत नहीं मिलेगी तो वह व्यक्ति तो कट्टरवादी बनेगा ही बनेगा । अब जरा हत्यारे असद के परिवार से पूछो की जन्नत मिली या दोहज्जत, कट्टरवादी सोच के चलते बच्चा हत्यारा बना , पुलिस पर प्रहार करने के कारण उसका एनकाउंटर हुआ , निर्माणयुक्त घर अब जमीदोज होगा तो इसमें मौलाना का क्या बिगड़ा इसलिए सूबे के मुख्यमंत्री ने यहाँ तक कहा यदि बच्चे को नालायक बनाओगे, कट्टरवादी बनाओगे तो परिवार को परिणाम तो भुगतना ही पड़ेगा ।

 

लेकिन सबसे बड़ा प्रश्न सभ्य समाज से है जब बच्चा जिहादियों से मित्रता करता है घर पर आना जाना होता है तो क्या परिवार को दिखता नहीं , जब घर की बच्ची किसी जिहादी की लड़की से मित्रता कर लव जिहाद में फसकर दुर्गति को प्राप्त होती है तो क्या परिवार को दिखता नहीं ,जब घर की सम्पति और दुकाने कुछ ज्यादा प्राप्त होने वाले किराए के लालच में जिहादियों को दी जाती है तो परिवार को दिखता नहीं, जब कुछ कम वेतन देने के लालच में किसी जिहादी को घर और व्यापरिक प्रतिस्थान पर काम करने हेतु रखा जाता है तो क्या दिखता नहीं , सबको सब दिखता है पर जब तक स्वयं के साथ घटना घटित न हो तब तक सब चलता है और जब कुछ घटित हो जाय तो एनकाउंटर भी होना चाहिए, सरकारी नौकरी भी मिलनी चाहिए , आर्थिक साहयता भी मिलनी चाहिए सब मांगे उठने लगती हैं ।

सच लिखें तो यह योगी सरकार है जो सभ्य समाज को जिहादी मानसिकता से बचाना चाहती है इसलिए हर सम्भव प्रयास और निर्णय सभ्य समाज की सुरक्षा हेतु लिया जाता है पर अपनी आत्मा से भी पूछो की खोड़ा, वसुंधरा , वैशाली, इंदिरापुरम ,पुराना गाजियाबाद में जिहादियों को किराए पर जगह दे देकर बसाया किसने हैं ।

आज समूचा भारत योगी सरकार और योगी जी की दृढ इच्छा शक्ति की प्रसंशा कर रहा है पर योगी जी के संदेशो का पालन नहीं, सभ्य समाज को भी सजग,सतर्क,मुखर और प्रखर होने की आवश्यकता है । बिना शस्त्र के ना शास्त्र सुरक्षित है ना सभ्य समाज अब सभ्य समाज को इस दूगुले भाईचारे से बाहर निकलना होगा , कायरता और लालच को त्यागना होगा और महाकाली भगवती एवं योगिराज महाराज श्री कृष्ण के दिखाए मार्ग का अनुशरण करना होगा अन्यथा जिस मजहबी मित्रता का ताज अपने सर पर सजाये बैठे हो वो ताज सर को धड़ से कब अलग करवा देगा इसका प्रत्यक्ष उदहारण तो सूर्या और पूर्व में उमेश , कनैह्या और कमलेश तिवारी जैसे अनेको उदहारण भरे पड़े हैं ।

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